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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए। नदी किनारे एक शाम - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Questions

निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

नदी किनारे एक शाम

वर्णनात्मक निबंध: नदी किनारे एक शाम

Writing Skills
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Solution

नदी किनारे एक शाम

नदी का नाम सुनते ही मेरे मन में गंगा की लहरें उठने लगती हैं और उसकी स्वच्छ धारा मेरी आत्मा को स्पर्श करने लगती है। ठंड का समय था, और प्रयाग की पवित्र भूमि पर महाकुंभ लगा हुआ था। मेरा पूरा परिवार इस पवित्र पर्व का लाभ उठाने इलाहाबाद पहुँचा। हम सड़क मार्ग से संगम पहुँचे, जहाँ गंगा घाट पर भक्तों की भीड़ लगी हुई थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे आस्था के महासागर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा हो। हज़ारों भक्त संगम में एक साथ डुबकी लगा रहे थे, और स्नान करने पर हमारी आत्मा भी तृप्त हो गई।

नदी के तट पर काफी हलचल थी। एक तरफ खाने-पीने की दुकानों की रौनक थी, तो दूसरी ओर कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं के तंबू लगे हुए थे। वहाँ साधुओं की विभिन्न टोलियाँ नजर आ रही थीं। कुछ संन्यासी अपने-अपने अखाड़ों में प्रवचन दे रहे थे, तो नागा साधुओं का एक समूह हर-हर महादेव के जयकारों के साथ गंगा में डुबकियाँ लगाते, नाचते-गाते दिखा। अलग-अलग अखाड़ों में साधुओं द्वारा भोज का आयोजन किया गया था, जहाँ सैकड़ों भक्त एक साथ महाप्रसाद का आनंद ले रहे थे। कुंभ क्षेत्र में लगभग हर जगह इस तरह के महाप्रसाद का आयोजन था। हमने भी एक अखाड़े में महाप्रसाद ग्रहण किया। कुंभ मेले में खेल-खिलौनों की भी दुकानें सजी थीं। मैंने एक दुकान पर निशानेबाजी की और कुछ इनाम भी जीते।

कुंभ मेले में घूमते-घूमते शाम हो गई। सूरज ढल रहा था और ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे वह भी माँ गंगा की लहरों में डुबकी लगा रहा हो। सूर्यास्त की सुनहरी किरणें गंगा पर पड़ते ही गंगाजल सोने की तरह चमकने लगा। श्रद्धालु छोटी-बड़ी नावों में बैठकर गंगा की परिक्रमा कर रहे थे। संध्या आरती का समय आ गया था। तैयारी के बाद माता की आरती शुरू हुई। चारों ओर दीप जल रहे थे, और भक्त, साधु, संन्यासी सभी मंत्रोच्चार कर रहे थे। पूरा गंगा घाट रोशनी से नहाया हुआ लग रहा था। गंगा किनारे जगमगाते दीप और आरती के बाद प्रवाहित दीये ऐसे लग रहे थे जैसे आसमान के सभी तारे धरती पर माँ की गोद में उतर आए हों। गंगा दर्शन और महाकुंभ स्नान के बाद, मैं और मेरा परिवार अपने घर लौटे, लेकिन इस यात्रा की अमिट छाप हमेशा मेरे मन में बसी रहेगी।

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निबंध लेखन
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Chapter 4: रचना विभाग - निबंध लेखन [Page 88]

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Balbharati Hindi Lokbharati [English] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 4 रचना विभाग
निबंध लेखन | Q (२) २. | Page 88
Balbharati Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.14 रचना एवं व्याकरण विभाग
स्वाध्याय | Q (४) | Page 118
Balbharati Hindi (Composite) Lokvani [English] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.9 रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग
निबंध | Q (२) | Page 52

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निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

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