Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
गरमी की पहली बारिश
Advertisements
Solution
गरमी की पहली बारिश
बारिश के उस पहले दिन को मैं कभी नहीं भूल सकता। आषाढ़ का महीना लग चुका था और सूर्यदेवता आग बरसा रहे थे। पेड़-पौधे मुरझा रहे थे। बागों की बहारें गायब हो गई थी। नदी, नाले, तालाब और झीलों का पानी सूख चला था। पशु, पक्षी, मनुष्य सभी प्राणी गरमी के मारे बेचैन हो रहे थे। सभी के मन में एक ही चाह थी कि बारिश हो। बिजली के पंखे चल रहे थे, कहीं एअरकंडीशंड मशीन लगे थे, कई घरों के दरवाजों पर पानी में तर खसटट्टियाँ झूल रही थीं। फिर भी लोगों की आँखें आकाश की ओर लगी हुई थी।
इस गर्मी से तंग आकर मैं भी गाँव से दूर एक पहाड़ी पर चला गया था। एकाएक आकाश मटमैले बादलों से ढंक गया। बादलों की गर्जना होने लगी। बिजली की कड़कड़ाहट और पवन की सरसराहट ने पूरे वातावरण को बदल दिया। धीरे-धीरे पानी की बुँदे गिरने लगीं।
अहा! आषाढ़ की यह पहली बौछार कितनी आलादक थी! बरसात की बुँदे सुहावनी और सुखद लग रही थी! उनकी ठंडक ने कलेजे को तर कर दिया। धरती भी भीग गई। उसकी सौंधी गंध चारों ओर फैल गई। धीरे-धीरे वर्षा का जोर बढ़ा। धरती से आकाश तक जल-ही-जल दीखने लगा। मैं बैठा रहा, प्रकृति के रूप में आनेवाले इस आकस्मिक परिवर्तन को देखता रहा।
उस पहाड़ी पर से चारों ओर पानी-ही-पानी दिखाई दे रहा था। ऊपर से नीचे बहते पानी की आवाज बड़ी मधुर लग रही थी। पेड़ों की पत्तियाँ पानी से धुलकर चमकने लगी। पौधे लहलहाने लगे। कलियाँ खिलने लगी और फूल हँसने लगे। सूखी-सूखी घास का भी अंग-अंग लहक उठा था। सूखी लताओं में भी जान आ गई थी। पास ही बहती हुई नदी में धीरे-धीरे पानी बढ़ने लगा। आकाश में उड़ती हुई पक्षियों की टोलियाँ मानो बादलों को धन्यवाद दे रही थीं। अब मयूर नृत्य करने लगे। पपीहे ने ‘पिऊ पिऊ’ की मादक ध्वनि से वातावरण को रसमय बना दिया। मेढक की टर्रटर्र और झींगुरों की झनकार सुनाई देने लगीं। सबकी प्यास मिट गई। सारी प्रकृति बारिश के आगमन से झूम उठी थी।
मैं पहाड़ी से नीचे उतरा। तलहटी में चरवाहे अपने पशुओं को चरा रहे थे। एक चरवाहा विरहा अलाप रहा था। उसी समय सामने की सड़क से एक युवक गाता हुआ निकला, “घिर आई बदरिया सावन की। सावन की मन भावन की।” मैं एक बाग में से गुजरा। सारे बाग में नई रौनक आ गई थी। दूर-दूर फैले हुए खेतों में किसान हल जोतने लग गए थे।
मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। घर में आया तो बहनें झूले पर झूलती हुई सावन के गीत गा रही थीं और आकाश में बने हुए इंद्रधनुष की ओर एकटक देख-देखकर आनंदविभोर हो रही थीं।
Notes
- भूमिका - 1 अंक
- विषय वस्तु - 3 अंक
- भाषा - 1 अंक
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
किसी पालतू प्राणी की आत्मकथा लिखिए।
'यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता,' विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लेखन कीजिए।
‘हमारी सैर’ विषय पर निबंध लिखिए।
वर्णनात्मक निबंध: विज्ञान प्रदर्शनी का वर्णन
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
नदी किनारे एक शाम
कल्पनाप्रधान निबंध: यदि किताबें न होतीं
आत्मकथात्मक निबंध: मैं हूँ भाषा
बढ़ते हुए प्रदुषण (वायु, ध्वनि) का स्वास्थ पर बुरा असर पड़ रहा है, विषय पर अपने विचार लिखिए |
‘बुरी संगति किसी को भी दिशाहीन बना सकती है’ इसपर तर्क सहित अपने विचार लिखिए।
‘मेरा प्रिय कवि/लेखक’ विषय पर सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
‘मेरी अविस्मरणीय सैर’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
आपके द्वारा आँखों देखी किसी घटना/दुर्घटना का विवरण अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:
पर्यावरण संतुलन
निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:
प्रातः काल योग करते लोग
निम्नलिखित विषय पर 60-70 शब्दों में निबंध लिखिए:
मेरा प्रिय नेता
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
नदी की आत्मकथा
निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
मैं पेड़ बोल रहा हूँ ...
निम्नलिखित विषय पर लगभग 70 से 80 शब्दों में निबंध लिखिए:
समय का सदुपयोग
निम्नलिखित विषय पर लगभग 70 से 80 शब्दों में निबंध लिखिए:
मैं पृथ्वी बोल रही हूँ...
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
मैं सड़क बोल रही हूँ......
निबंध लेखन -
कोरोना काल में दूरदर्शन की भूमिका
निबंध लेखन:
मेरा प्रिय खिलाड़ी
निबंध लिखिए:
मेरे प्रिय साहित्यकार
निबंध लिखिए:
घायल सैनिक की आत्मकथा
निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
मैच खेलने का अवसर
नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
झरोखे से बाहर
नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
आज़ादी का अमृत महोत्सव: स्वर्णिम 75 साल
निबंध लिखिए -
भ्रष्टाचार
निबंध लिखिए:
ईमानदारी
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
"अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत"
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
एक वीर सिपाही का सपना
निबंध लिखिए-
विद्यार्थी और अनुशासन
निबंध लिखिए -
यदि मैं प्रधानमंत्री होता।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
नालंदा की सैर
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
यदि मोबाइल न होता
निम्नलिखित विषय पर लगभग (80-100) शब्दों में निबंध लिखिए।
स्वच्छता
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80-100 शब्दों में निबंध लिखिए।
समय बड़ा बलवान
निबंध लिखिए:
मोबाइल: श्राप या वरदान
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
फटी पुस्तक की आत्मकथा
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
पर्यावरण सुरक्षा में पक्षियों की भूमिका
राष्ट्र का गौरव बनाए रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा किए सराहनीय कार्यों की सूची बनाइए।
पुढील घटक (फूल) तुमच्याशी बोलत आहे, अशी कल्पना करून त्या घटकाचे (फुलाचे) आत्मवृत्त लिहा.

मैं और डिजिटल दुनिया।
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि पुस्तकें न होती........
वर्णनात्मक -

