Advertisements
Advertisements
Question
राष्ट्र का गौरव बनाए रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा किए सराहनीय कार्यों की सूची बनाइए।
Advertisements
Solution
भारत के चौदहवें प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह विचारक और विद्वान के रूप में प्रसिद्ध है। वह अपनी नम्रता, कर्मठता और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। डॉ. मनमोहन सिंह ने भारत के वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया जो स्वतंत्र भारत के आर्थिक इतिहास में एक निर्णायक समय था। आर्थिक सुधारों के लिए व्यापक नीति के निर्धारण में उनकी भूमिका को सभी ने सराहा है। जनता के बीच प्रसिद्द राजनेता अटल बिहारी वाजपेयी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर 1999 को उन्होंने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में भारत के प्रधानमंत्री का पद ग्रहण किया। पिछले कई दशकों में वह एक ऐसे नेता के रूप में उभरे जो विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व देते हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के समर्थक श्री वाजपेयी भारत को सभी राष्ट्रों के बीच एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं। इंदिरा गाँधी का जन्म 19 नवम्बर 1917 को एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। श्रीमती इंदिरा गांधी कमला नेहरू स्मृति अस्पताल, गांधी स्मारक निधि और कस्तूरबा गांधी स्मृति न्यास जैसे संगठनों और संस्थानों से जुडी हुई थीं। श्रीमती इंदिरा गांधी शुरू से ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहीं। बचपन में उन्होंने ‘बाल चरखा संघ’ की स्थापना की और असहयोग आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी की सहायता के लिए 1930 में बच्चों के सहयोग से ‘वानर सेना’ का निर्माण किया। सितम्बर 1942 में उन्हें जेल में डाल दिया गया। 1947 में इन्होंने गांधीजी के मार्गदर्शन में दिल्ली के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य किया। श्रीमती गांधी ने इलाहाबाद में कमला नेहरू विद्यालय की स्थापना की थी। वह संगीत नाटक अकादमी, राष्ट्रीय एकता परिषद, हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, नेहरू स्मारक संग्रहालय, पुस्तकालय समाज और जवाहरलाल नेहरू स्मृति निधि के साथ जुडी रहीं। पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। पंडित नेहरू भारतीय राष्ट्रीय सम्मेलन के लाहौर सत्र के अध्यक्ष चुने गए, जिसका मुख्य लक्ष्य देश के लिए पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करना था। 1930-35 के दौरान नमक सत्याग्रह एवं कांग्रेस के अन्य आंदोलनों के कारण कई बार उन्हें जेल जाना पड़ा। पंडित नेहरू ने भारत को युद्ध में भाग लेने के लिए मजबूर करने का विरोध करते हुए व्यक्तिगत सत्याग्रह किया, जिसके कारण 31 अक्टूबर 1940 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें दिसंबर 1941 में अन्य नेताओं के साथ जेल से मुक्त कर दिया गया। 7 अगस्त 1942 को मुंबई में हुई अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में पंडित नेहरू ने ऐतिहासिक संकल्प ‘भारत छोड़ो’ को कार्यान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
RELATED QUESTIONS
‘यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता,’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लेखन कीजिए।
‘विश्वबंधुता वर्तमान युग की माँग’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
‘हमारी सैर’ विषय पर निबंध लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
नदी किनारे एक शाम
कल्पनाप्रधान निबंध: यदि किताबें न होतीं
चरित्रात्मक निबंध: मेरे आदर्श
आत्मकथात्मक निबंध: भूमिपुत्र की आत्मकथा
बढ़ते हुए प्रदुषण (वायु, ध्वनि) का स्वास्थ पर बुरा असर पड़ रहा है, विषय पर अपने विचार लिखिए |
‘मैं प्रकृति बोल रही हूँ’ विषय पर निबंध लेखन कीजिए।
‘मोबाइल के अति उपयोग से होने वाले दुष्परिणाम’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
‘वर्तमान समय में शांति के क्षेत्र में/पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका का महत्त्व’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लेखन कीजिए।
‘स्वार्थ के अंधेपन से व्यक्ति अपनों से दूर हो जाता है’ इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
‘देश की उन्नति में युवाओं का योगदान’ विषय पर अपने विचारों की मौखिक तथा लिखित अभिव्यक्ति कीजिए।
‘संगणक की आत्मकथा’ इस विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
आपके द्वारा आँखों देखी किसी घटना/दुर्घटना का विवरण अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:
मेरा भारत देश
निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:
जिन्हें जल्दी थी, वे चले गए
निम्नलिखित विषय पर 60 - 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
मोबाइल की उपयोगिता
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
मेरा प्रिय त्योहार
निबंध लेखन -
एक बाढ़ पीड़ित की आत्मकथा
निबंध लेखन -
कोरोना काल में दूरदर्शन की भूमिका
नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका
नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
दिया और तूफ़ान : मानव जीवन का सत्य
आतंकवाद
निबंध लिखिए:
ईमानदारी
निबंध लिखिए:
वृक्षारोपण
निबंध लिखिए:
तनाव
निबंध लिखिए:
सफलता
निबंध लिखिए-
यदि इंटरनेट (अंतरजाल) न होता....
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
एक किसान की आत्मकथा
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
पर्यावरण सुरक्षा में पक्षियों की भूमिका
पुढील घटक (फूल) तुमच्याशी बोलत आहे, अशी कल्पना करून त्या घटकाचे (फुलाचे) आत्मवृत्त लिहा.

मैं और डिजिटल दुनिया।
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि पुस्तकें न होती........
वर्णनात्मक -

चौकटीत दिलेल्या घटकाचे आत्मकथन लिहा:

