Advertisements
Advertisements
Question
आपके द्वारा आँखों देखी किसी घटना/दुर्घटना का विवरण अपने शब्दों में लिखिए।
Advertisements
Solution
आँखों देखी दुर्घटना
सुबह के 3 बजे थे। पूरा शहर शांति से सो रहा था। और अचानक हमने आग… आग… दौड़ो… दौड़ो… बचाओ, बचाओ” की दर्दभरी आवाजों से वातावरण गूंज उठा। हम और अड़ोस पड़ोस के सब लोग खड़बड़ि से जाग उठे। मैं भी दौड़ा। वहाँ का दृश्य देखते ही मैं स्तब्ध रह गया । मुहल्ले के सब लोग जग गए थे। छत के ऊपर चढ़ते ही थोड़ी दूर पर आग की ऊँची-ऊँची भयानक लपटें दिखाई देने लगीं। धुएँ के बादल उमड़ रहे थे। तूफानी पवन भी आज आग से अपनी दोस्ती निभा रहा था । पूरा का पूरा मकान आग की लपटों में आ चुका था।
आग की सूचना मिलते ही दमकलों का एक काफिला वहाँ आ पहुँचा । बात ही बात में उन्होंने पास के नल में पाइपें लगा और वे जलते मकान पर पानी के फव्वारे छोड़ने लगे। दमकलों की लंबी सीढ़ियों के सहारे फायर ब्रिगेड के दो आदमी मकान में घुस गए। उन्होंने शीघ्र ही एक बेहोश औरत और दो बच्चों को नीचे उतारा । जान की बाजी लगाकर वे मौत के मुँह से लोगों को बचा रहे थे। इतने में ‘धम्म’ की भयानक आवाज के साथ मकान का दाहिना हिस्सा गिर पड़ा। देखनेवालों के दिल बैठ गए। पूरे दो घंटे के संघर्ष के बाद अग्निदेव जलदेव से परास्त हुए।
आग बुझ गई, लेकिन अपनी भीषणता, करुणता और संहारलीला के चिह्न छोड़ गई। वह सुंदर भवन सूना खंडहर हो गया। जली-अधजली कई चीजे चारों ओर बिखरी पड़ी थी । काली-काली अधजली दीवारें और इधर-उधर भरा हुआ पानी डरावना लगता था। हजारों की माल-मिल्कियत देखते ही देखते राख की ढेरी में बदल गई थी। कैसा भीषण था वह अग्नि का तांडव!
घायल व्यक्तियों को तुरंत रुग्णवाहिका (एंब्युलस) द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ दिन बाद पता चला कि किसी नौकर ने लापरवाही से प्लास्टिक के खिलौनों की दुकान में बीड़ी का अधजला टुकड़ा फेंक दिया था ! उसी से आग लग गई थी।
यह भयानक दुर्घटना देखकर मेरा दिल रो उठा। इस घटना को काफी समय गुजर चुका है, पर उस करुण, भयानक दृश्य को मैं आज तक नहीं भूल सका हूँ । जब कभी मैं कहीं आग लगने की बात सुनता हूँ तब वह सारा दृश्य मेरी आँखों के सामने नाचने लगता है और मेरे रोंगटे खड़े हो जाते है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
मेरा देश भारत विषय पर 200 शब्दों का निबंध लिखिए।
कल्पनाप्रधान निबंध: यदि श्यामपट बोलने लगा......
कल्पनाप्रधान निबंध: यदि किताबें न होतीं
आत्मकथात्मक निबंध: भूमिपुत्र की आत्मकथा
‘स्वार्थ के अंधेपन से व्यक्ति अपनों से दूर हो जाता है’ इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
निबंध लिखिए:
मेरे प्रिय साहित्यकार
निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
जैसे ही मैंने अलमारी खोली
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
"अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत"
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
वनों का महत्व
निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
पाठ्यपुस्तक की आत्मकथा
