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Question
संजाल पूर्ण कीजिए :

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Solution
शिवानी जी की भाषा की विशेषताएँ :
- क्लिष्ट
- वाक्यविन्यास लंबे
- सामाजिक
- संस्कृतनिष्ठ
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बातचीत
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जोड़ियाँ मिलाइए :
| अ | उत्तर | आ |
| धर्मयुग | ______ | मारिचिका |
| सोनार बाँग्ला | ______ | अंग्रेजी लेख |
| एशिया | ______ | पहली रचना |
| नटखट | ______ | मैं मुर्गा हूँ |
लिखिए :
कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो।
पुल्लिंग:
मैं दूध ______ (पी)
कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो। पुल्लिंग:
हम विद्यालय ______ (जाना)
कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो स्त्रीलिंग:
मैं गाना ______ (सीख)
मैं सुबह ______ उठता हूँ।
तुम्हारा विद्यालय कहाँ है?
अध्यापिका हिंदी कैसे पढ़ाती हैं?
शोभा कौन-से खेल खेलती है?
निम्नलिखित गदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
| दुर्गा प्र. नौटियालः | आपने अब तक काफी साहित्य रचा है। क्या आप इससे संतुष्ट हैं? |
| शिवानी: | जहाँ तक संतुष्ट होने का संबंध है, मैं समझती हूँ कि किसी को भी अपने लेखन से संतुष्ट नहीं होना चाहिए। मैं चाहती हूँ कि ऐसे लक्ष्य को सामने रखकर कुछ ऐसा लिखूँ कि जिस परिवेश को पाठक ने स्वयं भोगा है, उसे जीवंत कर दूँ। मुझे तब बहुत ही अच्छा लगता है जब कोई पाठक मुझे लिख भेजता है कि आपने अमुक-अमुक चरित्र का वास्तविक वर्णन किया है अथवा फलाँ-फलाँ चरित्र, लगता है, हमारे ही बीच है। लेकिन साथ ही मैं यह मानती हूँ कि लोकप्रिय होना न इतना आसान है और न ही उसे बनाए रखना आसान है। मैं गत पचास वर्षों से बराबर लिखती आ रही हूँ। पाठक मेरे लेखन को खूब सराह रहे हैं। मेरे असली आलोचक तो मेरे पाठक हैं, जिनसे मुझे प्रशंसा और स्नेह भरपूर मात्रा में मिलता रहा है। शायद यही कारण है कि मैं अब तक बराबर लिखती आई हूँ। |
- कृति पूर्ण कौजिए: (2)
- 'परिवेश का प्रभाव व्यक्तित्व पर होता है' विषय 25 से 30 शब्दों अपने विचार लिखिए। (2)


