English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 9th Standard

आत्मकथात्मक निबंध: भूमिपुत्र की आत्मकथा - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

Advertisements
Advertisements

Question

आत्मकथात्मक निबंध: भूमिपुत्र की आत्मकथा

Answer in Brief
Advertisements

Solution

भूमिपुत्र की आत्मकथा

हल-बैल हैं मेरे साथी, मेहनत करना मेरा काम।
धरती का बेटा हूँ मैं, भूमिपुत्र है मेरा नाम।

भारत एक गाँवों का देश है, और मैं भी उन्हीं गाँवों में रहता हूँ। लोग मुझे अन्नदाता, किसान, और भूमिपुत्र जैसे कई नामों से जानते और सम्मान करते हैं। देश के सभी लोग मेरे उगाए अनाज से अपना और अपने परिवार का पेट भरते हैं। हमारा पूरा जीवन धरती माँ की सेवा में ही बीत जाता है। हमारा इतिहास बहुत पुराना है। सभ्यता के विकास से लेकर 21वीं सदी तक, मैं अपने इस पुराने व्यवसाय से जुड़ा हूँ।

पाषाण युग में मैं पत्थरों के औजारों से जमीन का सीना चीरकर अन्न उगाता था। उसके बाद लौहयुग आया और मैं लोहे के बने औजारों का इस्तेमाल कृषि में करने लगा। आज अभियांत्रिकी क्रांति की वजह से हमारा कार्य कुछ सरल हो गया है पर ज्यादा आनंद आज भी हमें अपने परंपरागत संसाधनों में ही आता है और वही हमारी पहचान भी है। देश विकास के नित नए सोपान पर चढ़ रहा है, इसके बावजूद भी आज हमारी पहचान एक गरीब के रूप में ही बनी हुई है। अन्नदाता होने के बाद भी कई बार अन्न की कमी के कारण हमारे भाई आत्महत्या कर लेते हैं।

प्राकृतिक आपदाएं जैसे सूखा, बाढ़, तूफान, और ओले हमारी सालभर की मेहनत को पलभर में बर्बाद कर देते हैं। सरकार की नीतियाँ या तो अधूरी होती हैं या ठीक से लागू नहीं की जातीं, जिससे हमें पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती। सरकार को हमारे लिए कुछ कदम उठाने होंगे, क्योंकि हम सिर्फ भगवान के भरोसे रहकर अपने और परिवार का पालन-पोषण करने में असमर्थ हैं।

आज बहुत बुरी स्थिति से गुजर रहा भूमिपुत्र अपने संरक्षण के लिए भगवान और शासन-प्रशासन से बड़ी उम्मीद लगाए बैठा है। बस यही है एक भूमिपुत्र की छोटी-सी आत्मकथा।

shaalaa.com
निबंध लेखन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 4: रचना विभाग - निबंध लेखन [Page 88]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Lokbharati [English] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 4 रचना विभाग
निबंध लेखन | Q (१) ५. | Page 88
Balbharati Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.14 रचना एवं व्याकरण विभाग
स्वाध्याय | Q (९) | Page 118
Balbharati Hindi (Composite) Lokvani [English] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.9 रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग
निबंध | Q १ | Page 52

RELATED QUESTIONS

मेरा देश भारत विषय पर 200 शब्दों का निबंध लिखिए।


किसी पालतू प्राणी की आत्‍मकथा लिखिए।


'यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता,' विषय पर अस्‍सी से सौ शब्‍दों में निबंध लेखन कीजिए।


‘पुस्‍तक प्रदर्शनी में एक घंटा’ विषय पर अस्‍सी से सौ शब्‍दों में निबंध लेखन कीजिए।


‘मेरा प्रिय वैज्ञानिक’ विषय पर निबंध लेखन कीजिए।


‘हमारी सैर’ विषय पर निबंध लिखिए।


वर्णनात्मक निबंध: विज्ञान प्रदर्शनी का वर्णन


चरित्रात्मक निबंध: मेरे आदर्श


आत्मकथात्मक निबंध: मैं हूँ भाषा


'यदि मैं बादल होता......' विषय पर लगभग सौ शब्दों में निबंध लिखिए |


बढ़ते हुए प्रदुषण (वायु, ध्वनि) का स्वास्थ पर बुरा असर पड़ रहा है, विषय पर अपने विचार लिखिए |


‘रेल की आत्‍मकथा’ विषय पर लगभग सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


‘मेरा प्रिय कवि/लेखक’ विषय पर सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


‘मेरी अविस्मरणीय सैर’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।


‘संगणक की आत्मकथा’ इस विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।


निम्नलिखित विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:

पर्यावरण संतुलन


निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:

दुर्घटना से देर भली


निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:

जिन्हें जल्दी थी, वे चले गए


निम्नलिखित विषय पर 60-70 शब्दों में निबंध लिखिए:

मेरा प्रिय नेता


निम्नलिखित विषय पर 60 - 70 शब्दों में निबंध लिखिए:

मोबाइल की उपयोगिता


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

मेरा प्रिय त्योहार


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

यदि मैं अध्यापक होता .....


निम्नलिखित विषय पर लगभग 70 से 80 शब्दों में निबंध लिखिए:

समय का सदुपयोग


निबंध लेखन -

एक बाढ़ पीड़ित की आत्मकथा


निबंध लेखन -

कोरोना काल में दूरदर्शन की भूमिका


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

गरमी की पहली बारिश


निबंध लिखिए:

घायल सैनिक की आत्मकथा


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

जैसे ही मैंने अलमारी खोली


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

मैच खेलने का अवसर


नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका


नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

दिया और तूफ़ान : मानव जीवन का सत्य


नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

आज़ादी का अमृत महोत्सव: स्वर्णिम 75 साल


निबंध लिखिए -

भ्रष्टाचार


निबंध लिखिए:

वृक्षारोपण


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

एक वीर सिपाही का सपना


निबंध लिखिए:

सफलता


निबंध लिखिए -

यदि मैं प्रधानमंत्री होता।


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

नालंदा की सैर


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

यदि मोबाइल न होता


निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:

यदि मैं पक्षी होता...


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

एक किसान की आत्मकथा


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

फटी पुस्तक की आत्मकथा


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

पर्यावरण सुरक्षा में पक्षियों की भूमिका


राष्‍ट्र का गौरव बनाए रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा किए सराहनीय कार्यों की सूची बनाइए।


‘प्रदूषण मुक्‍त त्‍योहार’ इस विषय पर निबंध लिखिए।


दैनंदिनी (डायरी) तुमच्याशी बोलत आहे, अशी कल्पना करून तिचे आत्मकथन पुढील मुद्‌द्यांचा उपयोग करून लिहा.

  1. निर्मिती
  2. महत्त्व
  3. उपयोग
  4. इतरांची भावना
  5. आनंद
  6. खंत


पुढील घटक (फूल) तुमच्याशी बोलत आहे, अशी कल्पना करून त्या घटकाचे (फुलाचे) आत्मवृत्त लिहा.


‘करत-करत अभ्‍यास के जड़मति होत सुजान’ इस विषय पर भाषाई सौंदर्यवाले वाक्‍यों, सुवचन, दोहे आदि का उपयोग करके निबंध/कहानी लिखिए ।


‘यदि मैं शिक्षा मंत्री होता -----’ विषय पर लगभग सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

सैनिक की आत्मकथा


निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

यदि पुस्तकें न होती........


निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:

पाठ्यपुस्तक की आत्मकथा


वर्णनात्मक -


चौकटीत दिलेल्या घटकाचे आत्मकथन लिहा:


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×