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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

निबंध लिखिए: मोबाइल: श्राप या वरदान

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Question

निबंध लिखिए:

मोबाइल: श्राप या वरदान

Writing Skills
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Solution

मोबाइल: श्राप या वरदान

आजकल की दुनिया मोबाइल के बैगर अधूरी है। दैनिक जीवन में मोबाइल के बिना इंसान का जीवन जैसे बिना पानी के मछली। मोबाइल संचार सुविधा का एक महत्वपूर्ण साधन है। पहले तार से जुड़े हुए फोन या दूरभाष का प्रचलन हुआ, फिर मोबाइल फोन का जिस तेजी से प्रसार हुआ, वह संचार साधन के क्षेत्र में चमत्कारी घटना है।

पहले लोग एक दूसरे से बात करने के लिए या तो खुद मिलने जाते थे या फिर पत्र लिखते थे जिसमें बहुत टाइम लगता था। लेकिन मोबाइल फोन आने के बाद चंद मिनटों में दुनिया के किसी भी कोने में बैठे आदमी से बातचीत कर सकता है। मोबाइल फोन आज के जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। आज तो सबके दिन की शुरुवात भी मोबाइल फोन से होती है और अंत भी। मोबाइल फोन से मानो पूरे विश्व की दूरियाँ समाप्त हो गयी हैं। पहले मोबाइल से बातचीत होती थी अब मोबाइल फोन में कंप्यूटर की भी सारे सुविधाएँ उपलब्ध है। कैमरा, घड़ी जैसी रोजमर्रा की जरूरतें भी इससे पूरी होने लगीं। ट्रेन, हवाई जहाज और बस आदि का आरक्षण भी इससे घर बैठे संभव हो गया है। अब तो मोबाइल की उपलब्धता दिन पर दिन बढ़ते हे जा रही है। नियमित उपयोग होने वाली वस्तुओं की खरीदी भी और पेमेंट भी मोबाइल द्वारा कर सकते है।

प्रत्येक वस्तु के अच्छे व बुरे दो पक्ष होते है। मोबाइल फोन से भी अनेक हानियाँ है। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार मोबाइल से बात करते समय रेडियों किरणें निकलती है, जो व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक होती है। इसे लगातार सुनने से कान कमजोर हो जाते है। मस्तिष्क में चिड़चिड़ापन आ जाता है। रात को मोबाइल अपने सिरहाने के पास रखकर नहीं सोना चाहिए, इससे कैंसर इत्यादि गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। देर रात तक मोबाइल के इस्तेमाल से नींद कम हो जाती है। छात्रों को मोबाइल गेमिंग की बुरी लत पड़ने से उन पर दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ता है। दुष्ट लोगों द्वारा अश्लील संदेश भेजना, अपराधी प्रवृति को बढ़ावा देना तथा अनचाही सूचना भेजना इत्यादि से मोबाइल का दुरूपयोग किया जाता है। जिससे समाज में अपराध बढ़ रहे है। साथ ही अपव्यय भी बढ़ रहा है। कहने का तात्पर्य यह है, कि मोबाइल एक जरुरी संचार साधन है जिसका सूझ- बूझ के साथ उपयोग करने में ही हमारी भलाई है। यह आपके जीवन को सरल और संगठित बनाने का माध्यम बन गया है या फिर एक अभिशाप बन गया है, यह बिल्कुल आप पर निर्भर करता है।

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