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Question
'यदि मैं बादल होता......' विषय पर लगभग सौ शब्दों में निबंध लिखिए |
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Solution
एक दिन ऐसेही आसमानमें बादल को देख रहा था, तभी मेरे मन में ख़याल आया की सचमें अगर में एक बादल होता तो ! तो में खुली आसमान में पंछियों की तरह उडाता रहता, कभी इस आकारका, तो कभी उस आकारका बनकर बच्चो को हसता रहता। यदि में बादल होता तो, आकाशसे भ्रमण करके में, पूरी धरतीका नजारा बहुतही विलोभनीय होता है।
अक्सर बहुत सारे लोगों को बादलों का इंतजार होता है क्योंकि बादल पानी बरसाते हैं। यदि मैं बादल होता, तो में उन क्षेत्रों में पानी अवश्य बरसाता जहाँ अकाल पड़ा है, नदी, नाले, कुएँ और तालाब सब सुख गए है। यदि मैं बादल होता, तो में किसानों को खुश करता, क्योंकि यदि किसानों उतना पानी मिलता, तो वे अच्छी फसलें पैदा करते, वे भी धन-धान्य से संपन्न होते तथा देश को भी संपन्न करते। किसानों को सुखी जीवन जीते देखकर मै भी खुश होता। बादल तो पानी उपलब्ध करके सारे मनुष्य, जीव जंतु, पशु-पक्षी की प्यास मिटा देते है।
यदि में बादल होता तो किसीका भी नुकसान नहीं होने देता। वास्तव में बादल होना मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात थी और मैं अपने जीवन में बहुत ही खुश होता ।
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