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प्रश्न
एक व्युत्क्रमणीय आव्यूह A के लिए, (A′)-1 = (A-1)′
विकल्प
सत्य
असत्य
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उत्तर
यह कथन सत्य है।
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संबंधित प्रश्न
आव्यूह A = [aij]2×2 की रचना कीजिए जिसके अवयव aij इस प्रकार हैं कि aij = e2ix sin jx.
सिद्ध कीजिए यदि एक आव्यूह सममित तथा विषम सममित दोनों ही हो तो वह एक शून्य आव्यूह है।
यदि A = `[(1, 3, 2), (2, 0, -1), (1, 2, 3)]`, तो दिखाइए कि A समीकरण A3 - 4A2 - 3A + 11I = O को संतुष्ट करता है।
यदि दो आव्यूह A और B समान कोटि के हैं तब 2A + B = B + 2A.
आव्यूहों का व्यवकलन साहचर्य होता है।
यदि संभव हो, तो A और B आव्यूहों का योग ज्ञात कीजिए, जहाँ A = `[(sqrt(3), 1),(2, 3)]`, और B = `[(x, y, z),(a, "b", 6)]` है।
यदि X = `[(3, 1, -1),(5, -2, -3)]` और Y = `[(2, 1, -1),(7, 2, 4)]` हों तो 2X – 3Y ज्ञात कीजिए।
यदि X = `[(3, 1, -1),(5, -2, -3)]` और Y = `[(2, 1, -1),(7, 2, 4)]` हों तो ज्ञात कीजिए कि एक आव्यूह Z जो इस प्रकार हो कि X + Y + Z एक शून्य आव्यूह हो।
आव्यूह समीकरण `[(2, 1),(3, 2)] "A" [(-3, 2),(5, -3)] = [(1, 0),(0, 1)]` को संतुष्ट करने वाले आव्यूह A ज्ञात कीजिए।
यदि `[(4),(1),(3)]` A = `[(-4, 8,4),(-1, 2, 1),(-3, 6, 3)]` हो तो A ज्ञात कीजिए।
एक उदाहरण की सहायता से दिखाइए कि जब आव्यूह A ≠ O, B ≠ O हो तब भी AB = O आव्यूह हो।
यदि `[(2, 1, 3)] [(-1, 0, -1),(-1, 1, 0),(0, 1, 1)] [(1),(0),(-1)]` = A हो तो A ज्ञात कीजिए।
माना A और B, 3 × 3 के वर्ग आव्यूह हैं। क्या (AB)2 = A2B2 सत्य है? कारण बताइए।
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (AT)T = A
यदि A = `[(1, 5),(7, 12)]` और B `[(9, 1),(7, 8)]` हों तो एक ऐसा आव्यूह C ज्ञात कीजिए कि 3A + 5B + 2C एक शून्य आव्यूह हो।
यदि A एक वर्ग आव्यूह है जो A2 = A को संतुष्ट करता है तो दिखाइए कि (I + A)2 = 7A + I
आव्यूह `[(2, 3, 1),(1, -1, 2),(4, 1, 2)]` को एक सममित तथा एक विषम सममित आव्यूह के योग के रूप में लिखिए।
यदि `[(2x + y, 4x),(5x - 7, 4x)] = [(7, 7y - 13),(y, x + 6)]`, हो तो x तथा y के मान होंगे।
यदि A = `1/pi [(sin^-1(xpi), tan^-1(x/pi)),(sin^-1(x/pi), cot^-1(pix))]`, B = `1/pi [(-cos^-1(x/pi), tan^-1 (x/pi)),(sin^-1(x/pi),-tan^-1(pix))]` हो तो A – B बराबर है।
आव्यूह `[ (1, 0, 0 ), ( 0, 2, 0), (0, 0, 4 )]` एक
प्रारंभिक पंक्ति संक्रिया R1 → R1 – 3R2 का प्रयोग आव्यूह समीकरण `[(4, 2),(3, 3)] = [(1, 2),(0, 3)] [(2, 0),(1, 1)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
यदि A एक विषम सममित आव्यूह है तो A2 एक ______ है।
आव्यूहों का योग, साहचर्य तथा क्रम विनिमेय दोनों ही नियमों का पालन करता है।
एक वर्ग आव्यूह जिसका प्रत्येक अवयव 1 हो तो उसे तत्समक आव्यूह कहते हैं।
यदि A और B दो समान कोटि के आव्यूह हैं तो A - B = B - A होता है।
यदि (AB)′ = B′ A′, जहाँ A और B वर्ग आव्यूह नहीं है तब A के पंक्तियों की संख्या B के स्तंभों की संख्या के बराबर होगी तथा A के स्तभों की संख्या B के पंक्तियों की संख्या के बराबर होगी।
