Advertisements
Advertisements
प्रश्न
यदि A और B सममित आव्यूह हैं तो AB – BA ______ है।
Advertisements
उत्तर
यदि A और B सममित आव्यूह हैं तो AB – BA विषम सममित आव्यूह है।
व्याख्या:
मान लीजिए P = (AB – BA)
P' = (AB – BA)'
= (AB)' – (BA)'
= B'A' – A'B'' ......[∵ (AB)' = B'A']
= BA – AB ......[∵ A' = A और B' = B]
= –(AB – BA)
= –P
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आव्यूह A को एक सममित आव्यूह तथा एक विषम सममित आव्यूह के योगफल के रूप में व्यक्त कीजिए जहाँ A = `[(2, 4, -6),(7, 3, 5),(1, -2, 4)]` है।
यदि A और B समान कोटि के दो आव्यूह हैं, तो (A + B) (A – B) बराबर है।
यदि A और B समान कोटि के दो सममित आव्यूह हैं, तब (AB′-BA′) है एक
यदि दो आव्यूह A और B समान कोटि के हैं तब 2A + B = B + 2A.
यदि आव्यूह A = `[("a", 1, x),(2, sqrt(3), x^2 - y),(0, 5, (-2)/5)]`, तो A के अवयवों की संख्या लिखिए।
यदि X = `[(3, 1, -1),(5, -2, -3)]` और Y = `[(2, 1, -1),(7, 2, 4)]` हों तो ज्ञात कीजिए कि एक आव्यूह Z जो इस प्रकार हो कि X + Y + Z एक शून्य आव्यूह हो।
यदि `[(4),(1),(3)]` A = `[(-4, 8,4),(-1, 2, 1),(-3, 6, 3)]` हो तो A ज्ञात कीजिए।
एक उदाहरण की सहायता से दिखाइए कि जब आव्यूह A ≠ O, B ≠ O हो तब भी AB = O आव्यूह हो।
यदि A = `[(2, 4, 0), (3, 9, 6)]` और B = `[(1, 4), (2, 8), (1, 3)]` हों तो क्या (AB)′ = B′A′ है?
यदि A = `[(0, -1, 2),(4, 3, -4)]` और B = `[(4, 0),(1, 3),(2, 6)]`, हों तो सत्यापित कीजिए कि (A′)′ = (AB)' = B'A'
यदि A = `[(1, 2),(4, 1),(5, 6)]` तथा B = `[(1, 2),(6, 4),(7, 3)]` हों तो सत्यापित कीजिए कि (2A + B)′ = 2A′ + B′
माना A और B, 3 × 3 के वर्ग आव्यूह हैं। क्या (AB)2 = A2B2 सत्य है? कारण बताइए।
दिखाइए कि यदि A और B वर्ग आव्यूह हैं तथा AB = BA है, तब (A + B)2 = A2 + 2AB + B2
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि A (BC) = (AB) C
प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं से निम्नलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि संभव हो तो) ज्ञात कीजिए:
`[(1, -3),(-2, 6)]`
यदि `3[("a", "b"),("c", "d")] = [("a", 6),(-1, 2"d")] + [(4, "a" + "b"),("c" + "d", 3)]` हो तो a, b, c और d के मान ज्ञात कीजिए।
यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, 0, -1),(5, 1, 0),(0, 1, 3)]`
यदि A और B क्रमश: 3 × m और 3 × n, कोटि के दो आव्यूह हों तथा m = n, हो तो आव्यूह (5A - 2B) की कोटि होगी।
यदि आव्यूह A = [aij]2×2 इस प्रकार है कि aij `[:( 1 "यदि i" ≠ "j" ),( 0 "यदि i" ≠ "j" ):]` तब A2 बराबर है।
यदि A एक m × n कोटि का आव्यूह है और B इस प्रकार का आव्यूह है कि AB′ और B′A दोनों ही परिभाषित हों तो आव्यूह B की कोटि होगी।
यदि A इस प्रकार कौ आव्यूह है कि A2 = I, तब (A – I)3 + (A + I)3 –7A बराबर होगा।
प्रारंभिक पंक्ति संक्रिया R1 → R1 – 3R2 का प्रयोग आव्यूह समीकरण `[(4, 2),(3, 3)] = [(1, 2),(0, 3)] [(2, 0),(1, 1)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
______ आव्यूह दोनों ही सममित तथा विषम सममित आव्यूह हैं।
यदि A एक सममित आव्यूह है तो A3 एक ______ आव्यूह होगा।
यदि A और B समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तो [k (A – B)]′ = ______
एक या अधिक प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से A–1 ज्ञात करते समय यदि एक या एक से अधिक पंक्तियों के सभी अवयव शून्य हो जाएँ तो A–1 ______ होता है।
एक आव्यूह एक संख्या को निरूपित करता है।
यदि (AB)′ = B′ A′, जहाँ A और B वर्ग आव्यूह नहीं है तब A के पंक्तियों की संख्या B के स्तंभों की संख्या के बराबर होगी तथा A के स्तभों की संख्या B के पंक्तियों की संख्या के बराबर होगी।
