Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सिद्ध कीजिए यदि एक आव्यूह सममित तथा विषम सममित दोनों ही हो तो वह एक शून्य आव्यूह है।
Advertisements
उत्तर
माना आव्यूह A = [aij] दोनों ही सममित तथा विषम सममित है।
क्योंकि A एक विषम सममित आव्यूह है इसलिए A′ = –A
अत: i तथा j, के सभी मानों के लिए aij = – aji ......(1)
पुन:, क्योंकि A एक विषम सममित आव्यूह है इसलिए A′ = A.
अत: i और j, के सभी मानों के लिए aji = aij ......(2)
इस प्रकार (1) तथा (2), से हमें निम्नलिखित प्राप्त होता है।
aij = – aij सभी i तथा j के लिए
या
2aij = 0
अर्थात्, सभी i और j के लिए aij = 0 है।
अत: A एक शून्य आव्यूह है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
यदि `[(2x, 3)] [(1, 2),(-3, 0)] [(x),(8)]` = 0, हो तो x का मान निकालिए।
यदि A = `[(2, -1, 3),(-4, 5, 1)]` और B = `[(2, 3),(4, -2),(1, 5)]` तब
यदि A और B एक समान कोटि की दो विषम सममित आव्यूह हों तो AB एक सममित आव्यूह होगा यदि ______
एक व्युत्क्रमणीय आव्यूह A के लिए, (A′)-1 = (A-1)′
यदि आव्यूह A = `[("a", 1, x),(2, sqrt(3), x^2 - y),(0, 5, (-2)/5)]`, तो A के अवयवों की संख्या लिखिए।
यदि A = B हों तो a और b के मान ज्ञात कीजिए, जहाँ A = `[("a" + 4, 3"b"),(8, -6)]` और B = `[(2"a" + 2, "b"^2 + 2),(8, "b"^2 - 5"b")]` हैं।
आव्यूह समीकरण `x[(2x, 2),(3, x)] + 2[(8, 5x),(4, 4x)] = 2[(x^2 + 8, 24),(10, 6x)]` को संतुष्ट करने वाले x के शून्येतर मान निकालिए।
एक उदाहरण की सहायता से दिखाइए कि जब आव्यूह A ≠ O, B ≠ O हो तब भी AB = O आव्यूह हो।
यदि A = `[(3, 5)]`, B = `[(7, 3)]`, हों तो एक शून्येतर आव्यूह C ज्ञात कीजिए जो इस प्रकार हो कि AC = BC.
यदि A = `[(1, 0, -1),(2, 1, 3 ),(0, 1, 1)]` है तो सत्यापित कीजिए कि A2 + A = A(A + I), जहाँ I एक 3 × 3 तत्समक आव्यूह है।
यदि A = `[(0, -1, 2),(4, 3, -4)]` और B = `[(4, 0),(1, 3),(2, 6)]`, हों तो सत्यापित कीजिए कि (A′)′ = (AB)' = B'A'
दिखाइए कि यदि A और B वर्ग आव्यूह हैं तथा AB = BA है, तब (A + B)2 = A2 + 2AB + B2
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि A (BC) = (AB) C
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि a(C – A) = aC – aA
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (bA)T = bAT
यदि A = `[(1, 2),(4, 1)]` हो तो A2 + 2A + 7I ज्ञात कीजिए।
यदि A तथा B समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं और B एक विषम सममित आव्यूह है तो दिखाइए कि A′BA एक विषम सममित आव्यूह है।
यदि आव्यूह A = [aij]2×2 इस प्रकार है कि aij `[:( 1 "यदि i" ≠ "j" ),( 0 "यदि i" ≠ "j" ):]` तब A2 बराबर है।
यदि A एक m × n कोटि का आव्यूह है और B इस प्रकार का आव्यूह है कि AB′ और B′A दोनों ही परिभाषित हों तो आव्यूह B की कोटि होगी।
किन्हीं दो A और B आव्यूहों के लिए कौन सा सदैव सत्य है?
प्रारंभिक पंक्ति संक्रिया R1 → R1 – 3R2 का प्रयोग आव्यूह समीकरण `[(4, 2),(3, 3)] = [(1, 2),(0, 3)] [(2, 0),(1, 1)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
एक आव्यूह एक संख्या को निरूपित करता है।
किसी भी कोटि के आव्यूहों को जोड़ा जा सकता है।
आव्यूहों का गुणन क्रम विनिमेय होता है।
यदि A और B दो समान कोटि के आव्यूह हैं तब A + B = B + A होता है।
यदि आव्यूह AB = O, तब A = O या B = O या दोनों A और B शून्य आव्यूह हैं।
यदि A और B समान कोटि के दो वर्ग आव्यूह हैं तब AB = BA है।
यदि A, B और C समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तब AB = AC से सदैव B = C प्राप्त होता है।
