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______ आव्यूह दोनों ही सममित तथा विषम सममित आव्यूह हैं।

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प्रश्न

______ आव्यूह दोनों ही सममित तथा विषम सममित आव्यूह हैं।

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उत्तर

शून्य आव्यूह दोनों ही सममित तथा विषम सममित आव्यूह हैं।

व्याख्या:

शून्य आव्यूह यानी `[(0, 0),(0, 0)]`

या

`[(0, 0, 0),(0, 0, 0),(0, 0, 0)]` सममित और विषम-सममित आव्यूह दोनों है।

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आव्यूह
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अध्याय 3: आव्यूह - प्रश्नावली [पृष्ठ ६१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
अध्याय 3 आव्यूह
प्रश्नावली | Q 68 | पृष्ठ ६१

संबंधित प्रश्न

आव्यूह  A = [aij]2×2 की रचना कीजिए  जिसके अवयव aij इस प्रकार हैं कि aij = e2ix sin jx.


सिद्ध कीजिए यदि एक आव्यूह सममित तथा विषम सममित दोनों ही हो तो वह एक शून्य आव्यूह है।


यदि  `[(2x, 3)] [(1, 2),(-3, 0)] [(x),(8)]` = 0, हो तो x का मान निकालिए।


यदि A = `[(2, 3),(-1, 2)]`, तो दिखाइए कि A2 – 4A + 7I = O इस परिणाम का उपयोग करके A5 का मान भी निकालिए।


एक उदाहरण की सहायता से दिखाइए कि जब आव्यूह A ≠ O, B ≠ O हो तब भी AB = O आव्यूह हो।


यदि x और y, 2 × 2 कोटि के आव्यूह हों, तो निम्नलिखित समीकरणों को X और Y के लिए हल कीजिए।

2X + 3Y = `[(2, 3),(4, 0)]`, 3Y + 2Y = `[(-2, 2),(1, -5)]`


यदि a = `[(1, 2), ( -2, 1)]`, b = `[(2, 3), (3, -4)]` और c = `[(1, 0), ( -1, 0)] `, हों तो सत्यापित कीजिए: A(B + C) = AB + AC.


यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि A (BC) = (AB) C


यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (a + b)B = aB + bB


यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (bA)T = bAT


यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (A – B) C = AC – BC 


यदि A = `[(costheta, sintheta),(-sintheta, costheta)]` तो दिखाइए कि A2 = `[(cos2theta, sin2theta),(-sin2theta, cos2theta)]`


A = `[(0, 1, -1),(4, -3, 4),(3, -3, 4)]` के लिए सत्यापित कीजिए कि A2 = I


प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं से निम्नलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि संभव हो तो) ज्ञात कीजिए:

`[(1, 3),(-5, 7)]`


प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं से निम्नलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि संभव हो तो) ज्ञात कीजिए:

`[(1, -3),(-2, 6)]`


यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।

`[(2, 0, -1),(5, 1, 0),(0, 1, 3)]`


आव्यूह `[(2, 3, 1),(1, -1, 2),(4, 1, 2)]` को एक सममित तथा एक विषम सममित आव्यूह के योग के रूप में लिखिए।


यदि आव्यूह A = [aij]2×2 इस प्रकार है कि aij `[:( 1  "यदि i" ≠ "j" ),( 0  "यदि i" ≠ "j" ):]` तब A2 बराबर है।


प्रारंभिक स्तंभ संक्रिया C2 → C2 – 2C1, का प्रयोग आव्यूह समीकरण

`[(1, -3),(2, 4)] = [(1, -1),(0, 1)] [(3, 1),(2, 4)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।


किसी आव्यूह का ऋण आव्यूह इसको ______ से गुणा करके प्राप्त किया जाता है।


किसी आव्यूह को एक अदिश ______ से गुणा करने पर शून्य आव्यूह प्राप्त होता है।


यदि A और B समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तो (kA)′ = ______ (k कोई अदिश है।)


यदि A विषम सममित आव्यूह है तो kA (k कोई अदिश है) एक ______ है।


यदि A और B सममित आव्यूह हैं तो BA – 2AB ______ है।


किसी भी कोटि के आव्यूहों को जोड़ा जा सकता है।


यदि A और B समान कोटि के दो वर्ग आव्यूह हैं तब AB = BA है।


यदि (AB)′ = B′ A′, जहाँ A और B वर्ग आव्यूह नहीं है तब A के पंक्तियों की संख्या B के स्तंभों की संख्या के बराबर होगी तथा A के स्तभों की संख्या B के पंक्तियों की संख्या के बराबर होगी।


किसी भी आव्यूह A के लिए AA′ सदैव सममित आव्यूह होता है।


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