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Q ~ {0} में a * b = ab2 ∀ a, b ∈ Q ~ {0} प्रकार से परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * का (के लिए) तत्सम अवयव ______ है।

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Question

Q ~ {0} में  a * b = ` (ab)/2` ∀ a, b ∈ Q ~ {0} प्रकार से परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * का (के लिए) तत्सम अवयव ______ है।

Options

  • 1

  • 0

  • 2

  • इनमें से कोई नहीं है।

MCQ
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Solution

Q ~ {0} में  a * b = ` (ab)/2` ∀ a, b ∈ Q ~ {0} प्रकार से परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * का (के लिए) तत्सम अवयव 2 है।

व्याख्या:

दिया गया है, a * b = `"ab"/2` ∀ a, b ∈ Q ~ {0} 

मान लीजिए कि * के लिए e पहचान तत्व है।

∴ a * e = `"ae"/2`

⇒ a = `"ae"/2`

⇒ e = 2

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संबंध एवं फलन
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Chapter 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [Page 15]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
Chapter 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 34 | Page 15

RELATED QUESTIONS

फलन f(x) = f(x) = `(x^2 + 2x + 1)/(x^2 - 8x + 12)` का प्रांत ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि A = {0, 1, 2, 3} तथा A में एक संबंध R निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए:

R = {(0, 0), (0, 1), (0, 3), (1, 0), (1, 1), (2, 2), (3, 0), (3, 3)}

क्या R स्वतुल्य, सममित, संक्रामक है?


मान लीजिए कि फलन f : R → R , f (x) = 4x – 1, ∀ x ∈ R द्वारा परिभषित है, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी है।


यदि f = {(5, 2), (6, 3)}, g = {(2, 5), (3, 6)}, तो f o g लिखिए।


क्या Z (पूर्णांकों का समुच्चय) में m * n = m – n + mn ∀ m, n ∈ Z द्वारा परिभाषित द्विआधारी-संक्रिया * कर्म -विनिमेय है? 


यदि A = {a, b, c, d} तथा f = {a, b), (b, d), (c, a), (d, c)} तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी है तथा A से A पर आच्छादि है। f –1 भी ज्ञात कीजिए।


प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में m * n = g.c.d (m, n), m, n ∈ N द्वारा द्वि-आधारी- संक्रिया * परिभाषित कीजिए।क्या संक्रिया * कर्मविनिमेय तथा साहचर्य है?


मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओ का समुच्चय है तथा f : R → R एक फलन है, जो f (x) = 4x + 5 द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f व्युत्क्रमणीय है तथा f–1 ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए, a * b = a – b


मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = x2 + 1 द्वारा परिभषित हैं, तो 17 तथा -3 के पूर्व प्रतिबिम्ब क्रमश: 


मान लीजिए कि A = {a, b, c} तथा A में परिभाषित संबंध R निम्नलिखित है:

R = {(a, a), (b, c), (a, b)}. तो उन क्रमित युग्मों की, कम से कम, संख्या लिखिए, जिनको R में जोड़ने से R स्वतुल्य तथा संक्रामक बन जाता है।


यदि A = {a, b, c, d} तथा फलन f = {(a, b), (b, d), (c, a), (d, c)} तो f –1 लिखिए।


मान लीजिए C सम्मिश्र संख्याओं का समुच्चय है। सिद्ध कीजिए कि f(z) = |z|, z C द्वारा दिया गया प्रतिचित्रण f: C → R न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

f = {(1, 4), (1, 5), (2, 4), (3, 5)}


यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:

सममित हों परन्तु न तो स्वतुल्य हों और न संक्रामक हों।


दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :

A से B में एक ऐसा प्रतिचित्रण, जो एकैक नहीं है।


मान लीजिए कि A = R – {3}, B = R – {1}, मान लीजिए कि f : A → B, f (x) = `(x - 2) /(x - 3)` ∀ x ∈ A द्वारा परिभाषित है, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी आच्छादी है।


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

h(x) = x|x|


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x बड़ा है y से, x, y ∈ N 

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


परिभाषा का प्रयोग करते हुए, सिद्ध कीजिए कि फलन f: A→ B व्युत्क्रमणीय है यदि और केवल यदि f एकैकी तथा आच्छादक दोनो है।


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o g ज्ञात कीजिए:


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए:


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = a – b ∀ a, b ∈ Q


मान लीजिए कि T, यूक्लिडिय समतल में, सभी त्रिभुजों का समुच्चय है तथा मान लीजिए कि T में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित है कि aRb, यदि a सर्वांगसम है b के, ∀ a, b ∈ T, तो R ______


समुच्चय A = {1, 2, 3} में तुल्यता संबंधों की अधिकतम संख्या ______ है।


यदि समुच्चय {1, 2, 3} में R = {(1, 2)} द्वारा परिभाषित एक संबंध R है, तो R ______ है।


यदि समुच्चय A में 5 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 6 अवयव हैं, तो A से B में एकैकी तथा आच्छादक प्रतिचित्रणों की संख्या ______ है।


मान लीजिए f: N → R f(x) = `(2x - 1)/2` द्वारा परिभाषित एक फलन है तथा g: Q → R g(x) = x + 2 द्वारा परिभाषित एक अन्य फलन है। तो (g o f) ` 3/2` ______ है।


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