Advertisements
Advertisements
Question
यदि A = {a, b, c, d} तथा फलन f = {(a, b), (b, d), (c, a), (d, c)} तो f –1 लिखिए।
Advertisements
Solution
दिया गया,
A = {a, b, c, d} तथा f = {(a, b), (b, d), (c, a), (d, c)}
इसलिए,
f–1 = {(b, a), (d, b), (a, c), (c, d)}
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
मान लीजिए कि f : R → R है तब निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित चिन्ह फलन (Signum Function) है |
f(x) = `{(1"," x > 0), (0"," x = 0),(-1"," x < 0):}`
तथा g : R → R, g(x) = [x], द्वारा प्रदत्त महत्तम पूर्णांक फलन है, जहाँ [x], x से कम या x के बराबर पूर्णांक है, तो क्या fog तथा gof, अंतराल [0, 1] में संपाती (coincide) हैं?
मान लीजिए कि A = {0, 1, 2, 3} तथा A में एक संबंध R निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए:
R = {(0, 0), (0, 1), (0, 3), (1, 0), (1, 1), (2, 2), (3, 0), (3, 3)}
क्या R स्वतुल्य, सममित, संक्रामक है?
क्या Z (पूर्णांकों का समुच्चय) में m * n = m – n + mn ∀ m, n ∈ Z द्वारा परिभाषित द्विआधारी-संक्रिया * कर्म -विनिमेय है?
प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध R निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए:
∀ n, m ∈ N, nRm यदि n तथा में से प्रत्येक संख्या को 5 से विभाजित करने पर शेषफल 5 से कम बचता है, अर्थात, 0, 1, 2, 3 तथा 4 में से कोई एक संख्या। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता संबंध है। साथ ही R द्वारा निर्धारित युगलत: असयुंक्त उप-समुच्चयों को भी ज्ञात कीजिए।
सिद्ध कीजिए कि f(x) = `x/(x^2 + 1)`, ∀ ∈ + R, द्वारा परिभाषित फलन f : R → R न तो एकैकी है और न आच्छादी है।
मान लीजिए कि f(x) = |x| + x तथा g(x) = x – x ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित f, g: R → R दो फलन हैं, तो f o g तथा g o f ज्ञात कीजिए।
मान लीजिए कि R प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध है, जो nRm यदि n विभाजित करता है m को, द्वारा परिभाषित है, तो R
मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = x2 + 1 द्वारा परिभषित हैं, तो 17 तथा -3 के पूर्व प्रतिबिम्ब क्रमश:
समुच्चय A = {1, 2, 3} पर विचार कीजिए तथा R, A में छोटे से छोटा तुल्यता संबंध है, तो R = ______
समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं।
यदि f : R → R, f (x) = x2 – 3x + 2 द्वारा परिभाषित है, तो f (f (x)) लिखिए।
क्या g = {(1, 1), (2, 3), (3, 5), (4, 7)} एक फलन है? यदि g, g (x) = αx + β द्वारा वर्णित है, तो α तथा β का मान क्या निर्धारित होना चाहिए?
क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।
{(x, y): x एक व्यक्ति है, y माँ है x की}
मान लीजिए C सम्मिश्र संख्याओं का समुच्चय है। सिद्ध कीजिए कि f(z) = |z|, z C द्वारा दिया गया प्रतिचित्रण f: C → R न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।
यदि फलन f: A → B तथा g: B → A, g o f = IA को संतुष्ट करता हैं, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैक है तथा g आच्छादक है।
यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:
स्वतुल्य तथा संक्रामक हों किंतु सममित नहीं हों।
यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:
सममित हों परन्तु न तो स्वतुल्य हों और न संक्रामक हों।
मान लीजिए कि R, प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित एक संबंध है।
R = {(x, y): x ∈ N, y ∈ N, 2x + y = 41}। संबंध R का प्रांत तथा परिसर ज्ञात कीजिए। साथ ही सत्यापित (जाँच) कीजिए कि क्या R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।
मान लीजिए कि A = R – {3}, B = R – {1}, मान लीजिए कि f : A → B, f (x) = `(x - 2) /(x - 3)` ∀ x ∈ A द्वारा परिभाषित है, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी आच्छादी है।
निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:
x + y = 10, x, y ∈ N
निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।
निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:
x y किसी पूर्णाक का वर्ग है, x, y ∈ N
निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।
मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?
a * b = a + ab ∀ a, b ∈ Q
मान लीजिए कि f: R → R f(x) = 3x2 - 5 द्वारा तथा g: R → R g(x) = `x/(x^2 + 1)` द्वारा परिभाषित है, तो g o f ______ है।
Z से Z में निम्नलिखित फलनों से कौन-से एकैकी आच्छादी हैं?
मान लीजिए f: R → R f(x) = x3 + 5 द्वारा परिभाषित एक फलन है, तो f–1(x) ______ है।
मान लीजिए कि N में एक संबंध R, aRb यदि 2a + 3b = 30 द्वारा परिभाषित है, तो R = ______।
फलनों का संयोजन साहचर्य होता है।
