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प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध R निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए: ∀ n, m ∈ N, nRm यदि n तथा में से प्रत्येक संख्या को 5 से विभाजित करने पर शेषफल 5 से कम बचता है,

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Question

प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध R निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए:

∀ n, m ∈ N, nRm यदि n तथा में से प्रत्येक संख्या को 5 से विभाजित करने पर शेषफल 5 से कम बचता है, अर्थात, 0, 1, 2, 3 तथा 4 में से कोई एक संख्या। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता संबंध है। साथ ही R द्वारा निर्धारित युगलत: असयुंक्त उप-समुच्चयों को भी ज्ञात कीजिए।

Sum
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Solution

R स्वतुल्य है, क्योंकि प्रत्येक a ∈ N के लिए aRa, R सममित है, क्योंकि a, b, ∈ N के लिए यदि aRb, तथा bRa = 54±, साथ ही, R संक्रामक है, क्योंकि a, b, c ∈ N के लिए यदि aRb तथा aRc तो aRc अत: R, N में एक तुल्यता संबंध है, जो समुच्चय N का युगलत: असयुंक्त उप-समुच्चयों में विभाजन (partition) कर देता है। इस विभाजन से प्राप्त तुल्यता-वर्ग निचे उल्लिखित हैं:

A0 = {5, 10, 15, 20 ...}

A1 = {1, 6, 11, 16, 21 ...}

A2 = {2, 7, 12, 17, 22, ...}

A3 = {3, 8, 13, 18, 23, ...}

A4 = {4, 9, 14, 19, 24, ...}

यह सुस्पष्ट है कि उपर्युक्त पाँच समुच्च्य युगलत: असयुंक्त हैं तथा

A0 ∪ A1 ∪ A2 ∪ A3 ∪ A4 = `∪_("i" = 0)^4  "A"_"i"` = N.

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संबंध एवं फलन
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Chapter 1: संबंध एव फलन - हल किये हुए उदाहरण [Page 5]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
Chapter 1 संबंध एव फलन
हल किये हुए उदाहरण | Q 12 | Page 5

RELATED QUESTIONS

फलन f(x) = f(x) = `(x^2 + 2x + 1)/(x^2 - 8x + 12)` का प्रांत ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि R = {(a, b) : संख्या 2, a – b को विभाजित करती है} द्वारा परिभाषित संबध R पूर्णांकों के समुच्चय Z में तुल्यता संबंध है।तुल्यता-वर्ग [0] लिखिए।


यदि f = {(5, 2), (6, 3)} तथा g = {(2, 5), (3, 6)}, तो f तथा g के परिसर लिखिए।


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2


मान लीजिए कि L किसी समतल में स्थित सभी सरल रेखाओं के समुच्चय को निरूपित करता है। मान लीजिए कि एक संबंध R, नियम lRm यदि और केवल यदि l लम्ब है m पर, ∀ l, m ∈ L, द्वारा परिभाषित है। तब R


मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = sin x तथा g : R → R g (x) = x2 द्वारा परिभषित हैं, तो f o g


समुच्चय A = {1, 2, 3} पर विचार कीजिए तथा R, A में छोटे से छोटा तुल्यता संबंध है, तो R = ______


मान लीजिए कि Z पूर्णांकों का समुच्चय है तथा R, Z में परिभाषित एक संबंध इस प्रकार है aRb, कि यदि a – b भाज्य है 3 से, तो R समुच्चय Z को ______ युगलत: असंयुक्त उप-समुच्चयों में विभाजन करता है।


मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है तथा R में एक द्वि-आधारी संक्रिया * इस प्रकार परिभाषित है कि a * b = a + b – ab ∀ a, b ∈ R. तो द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव ______ है।


समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं। 


यदि A = {a, b, c, d} तथा फलन f = {(a, b), (b, d), (c, a), (d, c)} तो f –1 लिखिए।


मान लीजिए फलन f: R → R, f(x) = cosx, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

f = {(1, 4), (1, 5), (2, 4), (3, 5)}


मान लीजिए f: R → R f(x) = `1/(2 - cosx)` x R द्वारा परिभाषित एक फलन है। तो , f का परिसर ज्ञात कीजिए।


यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:

स्वतुल्य तथा संक्रामक हों किंतु सममित नहीं हों।


दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :

A से B में एक एकैक प्रतिचित्रण।


एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -

एकैकी है किंतु आच्छादक नहीं है।


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलनएकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

g(x) = |x|


परिभाषा का प्रयोग करते हुए, सिद्ध कीजिए कि फलन f: A→ B व्युत्क्रमणीय है यदि और केवल यदि f एकैकी तथा आच्छादक दोनो है।


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o g ज्ञात कीजिए:


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = a + ab ∀ a, b ∈ Q


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = (a – b)2 ∀ a, b ∈ Q


Q ~ {0} में  a * b = ` (ab)/2` ∀ a, b ∈ Q ~ {0} प्रकार से परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * का (के लिए) तत्सम अवयव ______ है।


मान लीजिए f: A → B तथा g: B → C एकैकी आच्छादी फलन हैं, तो (g o f)-1 ______ है।


मान लीजिए कि समुच्चय A = {1, 2, 3} में परिभाषित एक संबंध R = {(3, 1), (1, 3), (3, 3), तो R सममित, संक्रामक है किंतु स्वतुल्य नहीं है।


प्रत्येक संबंध जो सममित तथा संक्रामक है, स्वतुल्य भी है।


समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


किसी समुच्चय में किसी द्वी-आधारी संक्रिया का तत्समक अवयव सदैव होता है।


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