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Question
समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f एकैक है तो f तथा g दोनों ही एकैक फलन हैं।
Options
सत्य
असत्य
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Solution
यह विधान असत्य है।
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RELATED QUESTIONS
क्या Z (पूर्णांकों का समुच्चय) में m * n = m – n + mn ∀ m, n ∈ Z द्वारा परिभाषित द्विआधारी-संक्रिया * कर्म -विनिमेय है?
यदि f = {(5, 2), (6, 3)} तथा g = {(2, 5), (3, 6)}, तो f तथा g के परिसर लिखिए।
सिद्ध कीजिए कि f(x) = `x/(x^2 + 1)`, ∀ ∈ + R, द्वारा परिभाषित फलन f : R → R न तो एकैकी है और न आच्छादी है।
मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओ का समुच्चय है तथा f : R → R एक फलन है, जो f (x) = 4x + 5 द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f व्युत्क्रमणीय है तथा f–1 ज्ञात कीजिए।
मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:
a, b ∈ Q के लिए a * b = a – b + ab
समुच्चय A = {1, 2, 3} पर विचार कीजिए तथा R, A में छोटे से छोटा तुल्यता संबंध है, तो R = ______
अवयवों वाले समुच्चय A पर विचार कीजिए। A से स्वयं A पर एकैकी आच्छादक फलनों की कुल संख्या ______ है।
मान लीजिए कि Z पूर्णांकों का समुच्चय है तथा R, Z में परिभाषित एक संबंध इस प्रकार है aRb, कि यदि a – b भाज्य है 3 से, तो R समुच्चय Z को ______ युगलत: असंयुक्त उप-समुच्चयों में विभाजन करता है।
मान लीजिए कि A एक परिमित समुच्चय है, तो A से स्वयं A में प्रत्येक एकैक फलन आच्छादी नहीं है।
मान लीजिए कि A = {a, b, c} तथा A में परिभाषित संबंध R निम्नलिखित है:
R = {(a, a), (b, c), (a, b)}. तो उन क्रमित युग्मों की, कम से कम, संख्या लिखिए, जिनको R में जोड़ने से R स्वतुल्य तथा संक्रामक बन जाता है।
मान लीजिए कि f , g : R → R क्रमश: f (x) = 2x + 1 तथा g (x) = x2 – 2, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए।
मान लीजिए कि f: R → R फलन f(x) = 2x – 3 ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। f–1 लिखिए।
यदि f : R → R, f (x) = x2 – 3x + 2 द्वारा परिभाषित है, तो f (f (x)) लिखिए।
क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।
{(a, b): a एक व्यक्ति है, b पूर्वज है a का}
मान लीजिए फलन f: R → R, f(x) = cosx, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।
यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:
स्वतुल्य तथा संक्रामक हों किंतु सममित नहीं हों।
मान लीजिए कि R, प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित एक संबंध है।
R = {(x, y): x ∈ N, y ∈ N, 2x + y = 41}। संबंध R का प्रांत तथा परिसर ज्ञात कीजिए। साथ ही सत्यापित (जाँच) कीजिए कि क्या R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।
मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:
f(x) = `x/2`
मान लीजिए A = {1, 2, 3, ... 9} तथा A ×A में (a, b)] (c, d) के लिए (a, b) R (c, d) यदि और केवल यदि a + d = b + c द्वारा परिभाषित R एक संबंध हैं। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता संबंध है तथा तुल्यता-वर्ग [(2, 5)] भी प्राप्त (ज्ञात) कीजिए।
मान लीजिए f: R → R, f(x) = `1/x` x ∈ R द्वारा परिभाषित है, तो f ______ है।
मान लीजिए f: [0, 1] → [0, 1] f(x) =`[(x, "यदि" x "परिमेय है")/(1-x "यदि" x "अपरिमेय है")]`
द्वारा परिभाषित है, तो (f o f) x ______ है।
मान लीजिए कि f: R → R, f(x) = `x/sqrt(1 + x^2)` द्वारा परिभाषित है, तो ( f o f o f ) (x) = ______।
मान लीजिए A = {0, 1} और N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो f(2n – 1) = 0, f(2n) = 1, ∀ n∈ N द्वारा परिभाषित प्रतिचित्रण f: N → A आच्छादक है।
फलनों का संयोजन क्रम-विनिमेय होता है।
फलनों का संयोजन साहचर्य होता है।
प्रत्येक फलन व्युत्क्रमणीय होता है।
