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सिद्ध कीजिए कि f(x) = xx2+1, ∀ ∈ + R, द्वारा परिभाषित फलन f : R → R न तो एकैकी है और न आच्छादि है।

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Question

सिद्ध कीजिए कि f(x) = `x/(x^2 + 1)`, ∀ ∈ + R, द्वारा परिभाषित फलन f : R → R न तो एकैकी है और न आच्छादी है।

Sum
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Solution

x1 , x2 ∈ R, के लिए विचार कीजिए कि

f(x1) = f(x2)

⇒ `x_1/(x_1^2 + 1) = x_2/(x_2^2 + 1)`

⇒ `x_1  x_2^2 + x_1 = x_2  x_1^2 + x_2`

⇒ x1 x2 (x2 – x1) = x2 – x1

⇒ x1 = x2 या x1 x2 = 1

हम देखते है कि x1 तथा x2 ऐसे अवयव हो सकते हैं कि x1 ≠ x2 फिर भी f(x1) = f(x2),

उदाहरणार्थ हम x1 = 2 तथा x2 = `1/2` लेते हैं, तो f (x1) = `2/5` तथा f (x2) = `2/5`  परंतु  `2 ≠ 1/2` अत: f एकैकी नहीं है। साथ ही, f आच्छादी भी नहीं है क्योंकि, यदि ऐसा है, तो 1 ∈ R के लिए, ∃ x ∈ R 

इस प्रकार कि f (x) = 1, जिससे `x/(x^2 + 1)` = 1 प्राप्त होता है। परंतु प्रांत R में ऐसा कोई अवयव नहीं है क्योंकि समीकरण x2 – x + 1 = 0, x का कोई वास्तविक मान नहीं देता है।

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संबंध एवं फलन
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Chapter 1: संबंध एव फलन - हल किये हुए उदाहरण [Page 6]

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NCERT Exemplar Mathematics [Hindi] Class 12
Chapter 1 संबंध एव फलन
हल किये हुए उदाहरण | Q 13 | Page 6

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न तो एकैकी है और न आच्छादक है।


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मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = a + ab ∀ a, b ∈ Q


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = (a – b)2 ∀ a, b ∈ Q


मान लीजिए कि R में द्वारा द्वि-आधारी *, a * b = 1 + ab, ∀ a, b ∈ R तो संक्रिया *


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