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मान लीजिए कि D, f(x) = 25-x2 द्वारा परिभाषित, वास्तविक मान फलन f का प्रांत है तो D को लिखिए।

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Question

मान लीजिए कि D, f(x) = `sqrt(25 - x^2)` द्वारा परिभाषित, वास्तविक मान फलन f का प्रांत है तो D को लिखिए।

Sum
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Solution

वास्तविक मान फलन f(x) दिया गया है, जैसे कि f(x) = `sqrt(25 - x^2)`

चूँकि f(x) का वास्तविक मान होता है

हमारे पास यह होना चाहिए

25 - x2 ≥ 0

⇒ x2 ≤ 25

⇒ - 5 ≤ x ≤ 5

प्रांत D = [-5, 5]

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संबंध एवं फलन
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Chapter 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [Page 11]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
Chapter 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 2 | Page 11

RELATED QUESTIONS

यदि f = {(5, 2), (6, 3)}, g = {(2, 5), (3, 6)}, तो f o g लिखिए।


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए, a * b = a – b


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

 a, b ∈ Q के लिए a * b = `"ab"/4` 


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2


मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है तथा R में एक द्वि-आधारी संक्रिया * इस प्रकार परिभाषित है कि a * b = a + b – ab ∀ a, b ∈ R. तो द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव ______ है।


मान लीजिए कि A एक परिमित समुच्चय है, तो A से स्वयं A में प्रत्येक एकैक फलन आच्छादी नहीं है।


मान लीजिए कि N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो a * b = a + b, ∀ a, b ∈ N द्वारा N में परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव है।


मान लीजिए कि A = {a, b, c} तथा A में परिभाषित संबंध R निम्नलिखित है:

R = {(a, a), (b, c), (a, b)}. तो उन क्रमित युग्मों की, कम से कम, संख्या लिखिए, जिनको R में जोड़ने से R स्वतुल्य तथा संक्रामक बन जाता है।


मान लीजिए कि f: R → R फलन f(x) = 2x – 3 ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। f–1 लिखिए।


यदि प्रतिचित्रण f तथा g क्रमश: f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1)} तथा  g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)} द्वारा दत्त हैं, तो f o g लिखिए।


मान लीजिए C सम्मिश्र संख्याओं का समुच्चय है। सिद्ध कीजिए कि f(z) = |z|, z C द्वारा दिया गया प्रतिचित्रण f: C → R न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।


मान लीजिए f: R → R f(x) = `1/(2 - cosx)` x R द्वारा परिभाषित एक फलन है। तो , f का परिसर ज्ञात कीजिए।


यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:

स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हों।


दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :

A से B में एक ऐसा प्रतिचित्रण, जो एकैक नहीं है।


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

h(x) = x|x|


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x बड़ा है y से, x, y ∈ N 

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o f ज्ञात कीजिए:


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = a + ab ∀ a, b ∈ Q


यदि समुच्चय A में 5 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 6 अवयव हैं, तो A से B में एकैकी तथा आच्छादक प्रतिचित्रणों की संख्या ______ है।


माना लीजिए कि A = {1, 2, 3, ...n} तथा B = {a, b}। तो A से B में आच्छादी प्रतिचित्रों (प्रतिचित्रणों) की संख्या _________ है।


मान लीजिए f: R → R f(x) = x3 + 5 द्वारा परिभाषित एक फलन है, तो f–1(x)  ______ है।


मान लीजिए f: A → B तथा g: B → C एकैकी आच्छादी फलन हैं, तो (g o f)-1 ______ है।


मान लीजिए f: N → R f(x) = `(2x - 1)/2` द्वारा परिभाषित एक फलन है तथा g: Q → R g(x) = x + 2 द्वारा परिभाषित एक अन्य फलन है। तो (g o f) ` 3/2` ______ है।


मान लीजिए कि f: R → R f(x) = tan x द्वारा दत्त है, तो f-1(1) _______ है।


मान लीजिए कि f: R → R, f(x) = `x/sqrt(1 + x^2)` द्वारा परिभाषित है, तो ( f o f o f ) (x) = ______।


समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


फलनों का संयोजन क्रम-विनिमेय होता है।


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