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निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है: x बड़ा है y से, x, y ∈ N निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।

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Question

निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x बड़ा है y से, x, y ∈ N 

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।

Sum
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Solution

दिया गया है, x, y से बड़ा है; x, y ∈ N

यदि (x, x) ∈ R, तो x > x, जो कि किसी x ∈ N के लिए सत्य नहीं है।

इस प्रकार, R स्वतुल्य नहीं है।

माना (x, y) ∈ R

⇒ xRy

⇒ x > y

अतः, y > x किसी भी x के लिए सत्य नहीं है, y ∈ N

अत: R सममित नहीं है।

चलो xRy और yRz

⇒ x > y और y > z

⇒ x > z

⇒ xRz

अत: R संक्रामक है।

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संबंध एवं फलन
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Chapter 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [Page 13]

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NCERT Exemplar Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
Chapter 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 22. (i) | Page 13

RELATED QUESTIONS

यदि f(x) = x2 तो `(f(1.1) - f(1))/((1.1 - 1))` ज्ञात कीजिए।


यदि A = {1, 2, 3} तथा f, g, A × A के उप-समुच्चय के संग निम्नलिखित प्रकार सूचित संबंध हैं

f = {(1, 3), (2, 3), (3, 2)}

g = {(1, 2), (1, 3), (3, 1)}

f तथा g में से कौन फलन है और क्यों?


प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में m * n = g.c.d (m, n), m, n ∈ N द्वारा द्वि-आधारी- संक्रिया * परिभाषित कीजिए।क्या संक्रिया * कर्मविनिमेय तथा साहचर्य है?


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए, a * b = a – b


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

 a, b ∈ Q के लिए a * b = `"ab"/4` 


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2


मान लीजिए कि N प्राकृत संख्याओं के समुच्चय है तथा f : N → N, f (n) = 2n + 3 ∀ n ∈ N द्वारा परिभाषित एक फलन है, तो f


वास्तविक संख्याओं x तथा y के लिए परिभाषित कीजिए कि xRy, यदि और केवल यदि x - y + `sqrt(2)` एक अपरिमेय संख्या है, तो संबंध R


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मान लीजिए कि N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो a * b = a + b, ∀ a, b ∈ N द्वारा N में परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव है।


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क्या g = {(1, 1), (2, 3), (3, 5), (4, 7)} एक फलन है? यदि g, g (x) = αx + β द्वारा वर्णित है, तो α तथा β का मान क्या निर्धारित होना चाहिए?


यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:

स्वतुल्य तथा संक्रामक हों किंतु सममित नहीं हों।


एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -

एकैकी नहीं है किंतु आच्छादक है।


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x y किसी पूर्णाक का वर्ग है,  x, y ∈ N

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


मान लीजिए A = {1, 2, 3, ... 9} तथा A ×A में (a, b)] (c, d) के लिए (a, b) R (c, d) यदि और केवल यदि a + d = b + c द्वारा परिभाषित R एक संबंध हैं। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता संबंध है तथा तुल्यता-वर्ग [(2, 5)] भी प्राप्त (ज्ञात) कीजिए।


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए:


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

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मान लीजिए कि R में द्वारा द्वि-आधारी *, a * b = 1 + ab, ∀ a, b ∈ R तो संक्रिया *


मान लीजिए कि N में एक संबंध R, aRb यदि 2a + 3b = 30 द्वारा परिभाषित है, तो R = ______।


मान लीजिए कि A = {1, 2, 3, 4, 5} में एक संबंध R = {(a, b) : |a2 - b2| <8 द्वारा परिभाषित है, तो R _______ द्वारा व्यक्त है।


मान लीजिए कि f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1) तथा g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)}। तो g o f = ______ तथा f o g = ______।


मान लीजिए कि f: R → R, f(x) = `x/sqrt(1 + x^2)` द्वारा परिभाषित है, तो ( f o f o f ) (x) = ______।


मान लीजिए कि समुच्चय A = {1, 2, 3} में परिभाषित एक संबंध R = {(3, 1), (1, 3), (3, 3), तो R सममित, संक्रामक है किंतु स्वतुल्य नहीं है।


प्रत्येक संबंध जो सममित तथा संक्रामक है, स्वतुल्य भी है।


मान लीजिए A = {0, 1} और N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो f(2n – 1) = 0, f(2n) = 1, ∀ n∈ N द्वारा परिभाषित प्रतिचित्रण f: N → A आच्छादक है।


फलनों का संयोजन क्रम-विनिमेय होता है।


फलनों का संयोजन साहचर्य होता है।


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