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दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए : A से B में एक ऐसा प्रतिचित्रण, जो एकैक नहीं है।

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Question

दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :

A से B में एक ऐसा प्रतिचित्रण, जो एकैक नहीं है।

Sum
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Solution

दिया गया है, A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}

मान लीजिए g: A → B एक प्रतिचित्रण को इस प्रकार निरूपित करता है कि g = {(2, 2), (3, 2), (4, 5)}, जो एक एकैक प्रतिचित्रण नहीं है।

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संबंध एवं फलन
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Chapter 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [Page 13]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
Chapter 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 18. (b) | Page 13

RELATED QUESTIONS

मान लीजिए कि फलन f : R → R , f (x) = 4x – 1, ∀ x ∈ R द्वारा परिभषित है, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी है।


मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = 4x – 3 ∀ x ∈ R द्वारा परिभषित एक फलन है, तो f –1 लिखिए।


क्या Z (पूर्णांकों का समुच्चय) में m * n = m – n + mn ∀ m, n ∈ Z द्वारा परिभाषित द्विआधारी-संक्रिया * कर्म -विनिमेय है? 


यदि A = {a, b, c, d} तथा f = {a, b), (b, d), (c, a), (d, c)} तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी है तथा A से A पर आच्छादि है। f –1 भी ज्ञात कीजिए।


प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में m * n = g.c.d (m, n), m, n ∈ N द्वारा द्वि-आधारी- संक्रिया * परिभाषित कीजिए।क्या संक्रिया * कर्मविनिमेय तथा साहचर्य है?


मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओ का समुच्चय है तथा f : R → R एक फलन है, जो f (x) = 4x + 5 द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f व्युत्क्रमणीय है तथा f–1 ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = a – b + ab


अवयवों वाले समुच्चय A पर विचार कीजिए। A से स्वयं A पर एकैकी आच्छादक फलनों की कुल संख्या ______ है।


मान लीजिए कि Z पूर्णांकों का समुच्चय है तथा R, Z में परिभाषित एक संबंध इस प्रकार है aRb, कि यदि a – b भाज्य है 3 से, तो R समुच्चय Z को ______ युगलत: असंयुक्त उप-समुच्चयों में विभाजन करता है।


मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है तथा R में एक द्वि-आधारी संक्रिया * इस प्रकार परिभाषित है कि a * b = a + b – ab ∀ a, b ∈ R. तो द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव ______ है।


मान लीजिए कि N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो a * b = a + b, ∀ a, b ∈ N द्वारा N में परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव है।


मान लीजिए कि A = {a, b, c} तथा A में परिभाषित संबंध R निम्नलिखित है:

R = {(a, a), (b, c), (a, b)}. तो उन क्रमित युग्मों की, कम से कम, संख्या लिखिए, जिनको R में जोड़ने से R स्वतुल्य तथा संक्रामक बन जाता है।


मान लीजिए कि D, f(x) = `sqrt(25 - x^2)` द्वारा परिभाषित, वास्तविक मान फलन f का प्रांत है तो D को लिखिए।


मान लीजिए कि f , g : R → R क्रमश: f (x) = 2x + 1 तथा g (x) = x2 – 2, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

h = {(1,4), (2, 5), (3, 5)}


यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:

सममित हों परन्तु न तो स्वतुल्य हों और न संक्रामक हों।


यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:

स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हों।


दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :

A से B में एक एकैक प्रतिचित्रण।


एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -

एकैकी नहीं है किंतु आच्छादक है।


न लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

k(x) = x2 


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x + 4y = 10, x, y ∈ N

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o f ज्ञात कीजिए:


मान लीजिए कि हम R में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित करें aRb यदि a ≥ b, तो R _________ है।


मान लीजिए कि A = {1, 2, 3} संबंध R = {1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 3), (1,3)}, पर विचार कीजिए, तो R _________ है।


Q ~ {0} में  a * b = ` (ab)/2` ∀ a, b ∈ Q ~ {0} प्रकार से परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * का (के लिए) तत्सम अवयव ______ है।


मान लीजिए f: A → B तथा g: B → C एकैकी आच्छादी फलन हैं, तो (g o f)-1 ______ है।


मान लीजिए f: [0, 1] → [0, 1] f(x) =`[(x, "यदि"  x  "परिमेय है")/(1-x  "यदि"  x  "अपरिमेय है")]`

द्वारा परिभाषित है, तो (f o f) x ______ है।  


प्रत्येक संबंध जो सममित तथा संक्रामक है, स्वतुल्य भी है।


मान लीजिए A = {0, 1} और N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो f(2n – 1) = 0, f(2n) = 1, ∀ n∈ N द्वारा परिभाषित प्रतिचित्रण f: N → A आच्छादक है।


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