Advertisements
Advertisements
Question
समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।
Options
सत्य
असत्य
Advertisements
Solution
यह कथन असत्य है।
व्याख्या:
दिया गया है, R = {(1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)}
(2, 2) ∉ R
अतः, R स्वतुल्य नहीं है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
यदि f = {(5, 2), (6, 3)} तथा g = {(2, 5), (3, 6)}, तो f तथा g के परिसर लिखिए।
प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध R निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए:
∀ n, m ∈ N, nRm यदि n तथा में से प्रत्येक संख्या को 5 से विभाजित करने पर शेषफल 5 से कम बचता है, अर्थात, 0, 1, 2, 3 तथा 4 में से कोई एक संख्या। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता संबंध है। साथ ही R द्वारा निर्धारित युगलत: असयुंक्त उप-समुच्चयों को भी ज्ञात कीजिए।
सिद्ध कीजिए कि f(x) = `x/(x^2 + 1)`, ∀ ∈ + R, द्वारा परिभाषित फलन f : R → R न तो एकैकी है और न आच्छादी है।
मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओ का समुच्चय है तथा f : R → R एक फलन है, जो f (x) = 4x + 5 द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f व्युत्क्रमणीय है तथा f–1 ज्ञात कीजिए।
मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:
a, b ∈ Q के लिए a * b = `"ab"/4`
मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:
a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2
समुच्चय A में 3 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 4 अवयव हैं, तो A से B में परिभाषित एकैक प्रतिचित्रणों की संख्या
समुच्चय A = {1, 2, 3} पर विचार कीजिए तथा R, A में छोटे से छोटा तुल्यता संबंध है, तो R = ______
मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है तथा R में एक द्वि-आधारी संक्रिया * इस प्रकार परिभाषित है कि a * b = a + b – ab ∀ a, b ∈ R. तो द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव ______ है।
समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं।
यदि f : R → R, f (x) = x2 – 3x + 2 द्वारा परिभाषित है, तो f (f (x)) लिखिए।
यदि प्रतिचित्रण f तथा g क्रमश: f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1)} तथा g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)} द्वारा दत्त हैं, तो f o g लिखिए।
यदि फलन f: A → B तथा g: B → A, g o f = IA को संतुष्ट करता हैं, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैक है तथा g आच्छादक है।
यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:
स्वतुल्य तथा संक्रामक हों किंतु सममित नहीं हों।
दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :
B से A में एक प्रतिचित्रण।
एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -
न तो एकैकी है और न आच्छादक है।
मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलनएकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:
g(x) = |x|
मान लीजिए A = {1, 2, 3, ... 9} तथा A ×A में (a, b)] (c, d) के लिए (a, b) R (c, d) यदि और केवल यदि a + d = b + c द्वारा परिभाषित R एक संबंध हैं। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता संबंध है तथा तुल्यता-वर्ग [(2, 5)] भी प्राप्त (ज्ञात) कीजिए।
परिभाषा का प्रयोग करते हुए, सिद्ध कीजिए कि फलन f: A→ B व्युत्क्रमणीय है यदि और केवल यदि f एकैकी तथा आच्छादक दोनो है।
फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o g ज्ञात कीजिए:
मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?
a * b = a2 + b2 ∀ a, b ∈ Q
मान लीजिए कि R में द्वारा द्वि-आधारी *, a * b = 1 + ab, ∀ a, b ∈ R तो संक्रिया *
किसी परिवार में बच्चों के अरिक्त समुच्चय तथा aRb, यदि a भाई है b का, द्वारा परिभाषित संबंध R पर विचार कीजिए, तो R ______
मान लीजिए कि f: R - `{3/5}` → R, f(x) = `(3x + 2)/(5x - 3)` द्वारा परिभाषित है, तो ______
मान लीजिए f: [0, 1] → [0, 1] f(x) =`[(x, "यदि" x "परिमेय है")/(1-x "यदि" x "अपरिमेय है")]`
द्वारा परिभाषित है, तो (f o f) x ______ है।
मान लीजिए f: R → R, f(x) = `{{:(2x",", x > 3),(x^2",", 1 < x ≤ 3),(3x",", x ≤ 1):}` द्वारा परिभाषित है, तो f (-1) + f (2) + f (4) ______ है।
एक पूर्णांक m एक अन्य पूर्णांक n से संबंधित कहालाता है, यदि m, एक पूर्णांकीय गुणज है n का। Z में इस प्रकार का संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक होता है।
फलनों का संयोजन क्रम-विनिमेय होता है।
फलनों का संयोजन साहचर्य होता है।
