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मान लीजिए A = {0, 1} और N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो f(2n – 1) = 0, f(2n) = 1, ∀ n∈ N द्वारा परिभाषित प्रतिचित्रण f: N → A आच्छादक है। - Mathematics (गणित)

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Question

मान लीजिए A = {0, 1} और N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो f(2n – 1) = 0, f(2n) = 1, ∀ n∈ N द्वारा परिभाषित प्रतिचित्रण f: N → A आच्छादक है।

Options

  • सत्य

  • असत्य

MCQ
True or False
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Solution

यह कथन सत्य है।

व्याख्या:

दिया गया है,, A = {0, 1}

 f(2n – 1) = 0, f(2n) = 1, ∀ n ∈ N

अत: f का परिसर {0, 1} है।

अतः, प्रतिचित्रण f: N → A आच्छादक है।

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संबंध एवं फलन
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Chapter 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [Page 17]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Mathematics [Hindi] Class 12
Chapter 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 57 | Page 17

RELATED QUESTIONS

मान लीजिए कि f : R → R है तब निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित चिन्ह फलन (Signum Function) है |

f(x) = `{(1"," x > 0), (0"," x = 0),(-1"," x < 0):}`

तथा g : R → R, g(x) = [x], द्वारा प्रदत्त महत्तम पूर्णांक फलन है, जहाँ [x], x से कम या x के बराबर पूर्णांक है, तो क्या fog तथा gof, अंतराल [0, 1] में संपाती (coincide) हैं?


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2


मान लीजिए कि L किसी समतल में स्थित सभी सरल रेखाओं के समुच्चय को निरूपित करता है। मान लीजिए कि एक संबंध R, नियम lRm यदि और केवल यदि l लम्ब है m पर, ∀ l, m ∈ L, द्वारा परिभाषित है। तब R


समुच्चय A में 3 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 4 अवयव हैं, तो A से B में परिभाषित एकैक प्रतिचित्रणों की संख्या


समुच्चय A = {1, 2, 3} पर विचार कीजिए तथा R, A में छोटे से छोटा तुल्यता संबंध है, तो R = ______


अवयवों वाले समुच्चय A पर विचार कीजिए। A से स्वयं A पर एकैकी आच्छादक फलनों की कुल संख्या ______ है।


समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f एकैक है तो f तथा g दोनों ही एकैक फलन हैं।


समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं। 


मान लीजिए कि f , g : R → R क्रमश: f (x) = 2x + 1 तथा g (x) = x2 – 2, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि f: R → R फलन f(x) = 2x – 3 ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। f–1 लिखिए।


यदि f : R → R, f (x) = x2 – 3x + 2 द्वारा परिभाषित है, तो f (f (x)) लिखिए।


मान लीजिए C सम्मिश्र संख्याओं का समुच्चय है। सिद्ध कीजिए कि f(z) = |z|, z C द्वारा दिया गया प्रतिचित्रण f: C → R न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।


मान लीजिए फलन f: R → R, f(x) = cosx, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।


मान लीजिए कि R, प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित एक संबंध है।

R = {(x, y): x ∈ N, y ∈ N, 2x + y = 41}। संबंध R का प्रांत तथा परिसर ज्ञात कीजिए। साथ ही सत्यापित (जाँच) कीजिए कि क्या R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलनएकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

g(x) = |x|


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x बड़ा है y से, x, y ∈ N 

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x y किसी पूर्णाक का वर्ग है,  x, y ∈ N

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = (a – b)2 ∀ a, b ∈ Q


यदि समुच्चय {1, 2, 3} में R = {(1, 2)} द्वारा परिभाषित एक संबंध R है, तो R ______ है।


मान लीजिए कि A = {1, 2, 3} संबंध R = {1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 3), (1,3)}, पर विचार कीजिए, तो R _________ है।


मान लीजिए f: R → R, f(x) = `1/x` x ∈ R द्वारा परिभाषित है, तो f ______ है।


मान लीजिए कि f: R - `{3/5}` → R, f(x) = `(3x + 2)/(5x - 3)` द्वारा परिभाषित है, तो ______


मान लीजिए f: R → R,  f(x) = `{{:(2x",", x > 3),(x^2",", 1 < x ≤ 3),(3x",", x ≤ 1):}` द्वारा परिभाषित है, तो f (-1) + f (2) + f (4) ______ है।


मान लीजिए कि समुच्चय A = {1, 2, 3} में परिभाषित एक संबंध R = {(3, 1), (1, 3), (3, 3), तो R सममित, संक्रामक है किंतु स्वतुल्य नहीं है।


मान लीजिए f: R → R, f(x) = sin (3x+2) ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित एक फलन है। तो f व्युत्क्रमणीय है।


समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


फलनों का संयोजन क्रम-विनिमेय होता है।


प्रत्येक फलन व्युत्क्रमणीय होता है।


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