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Dydyedydx+y=e-x जब y(0) = 0 का हल है - Mathematics (गणित)

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प्रश्न

`("dy")/("d"x) + "y" = "e"^-x` जब y(0) = 0  का हल है

पर्याय

  • y = ex (x – 1)

  • y = xe–x

  • y = xe–x + 1

  • y = (x + 1)e–x

MCQ
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उत्तर

सही उत्तर y = xe–x है।

व्याख्या:

दिया गया अवकल समीकरण है `("dy")/("d"x) + "y" = "e"^-x`

क्योंकि, यह एक रैखिक अवकल समीकरण है

∴ P = 1 और Q = e–x

∴ I.F = `"e"^(int 1."d"x)` = ex

तो, हल `"y" xx "I"."F". = int "Q". "I"."F". "d"x + "c"` है।

⇒ `"y" . "e"^x = int"e"^-x . "e"^x "d"x + "c"`

⇒ `"y" . "e"^x = int 1."d"x + "c"`

⇒ `"y" . "e"^x + "c"`

x = 0, y = 0 रखिए

हमें 0 = 0 + c प्राप्त होता है।

∴ c = 0

तो, हल  `"y" "e"^x` = x है।

⇒ y = `x . "e"^-x`

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अवकल समीकरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: अवकल समीकरण - प्रश्नावली [पृष्ठ १९३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
पाठ 9 अवकल समीकरण
प्रश्नावली | Q 52 | पृष्ठ १९३

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न में अवकल समीकरण का व्यापक हल ज्ञात कीजिए-

`xdy/dx + 2y = x^2 log x`


मूल बिंदु से गुजरने वाली सरल रेखाओं के कुल का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए।


एक तल में सभी अक्षैतिज रेखाओं का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए। 


बिंदु (1, 1) से गुजरने वाले एक ऐसे वक्र का समीकरण ज्ञात कौजिए जिसका किसी बिंदु P(x, y) से वक्र के अभिलंब की मूल बिंदु से लंबवत दूरी P से x-अक्ष की दूरी के बराबर है।


अवकल समीकरण `("d"^2y)/("d"x^2) + 3("dy"/"dx")^2 = x^2 log(("d"^2y)/("d"x^2))` की घात है


अवकल समीकरण `("dy"/"dx")^2 - x "dy"/"dx" + "y"` = 0 का एक हल है


अवकल समीकरण `x "dt"/"dx" + 2"y"` = x2 का हल है


वक्रों के कुल y = A sinx + B cosx को निरूपित करने वाला अवकल समीकरण ______ है।


दीर्घ वृत्तों जिनका केंद्र मूल बिंदु पर तथा नाभियाँ x-अक्ष पर हैं को निरूपित करने वाले अवकल समीकरण की कोटि 2 है।


अवकल समीकरण `"y"^2 "dy"/"dx" + "y"^2 + 1` = 0 का एक हल x + y = tan–1y है।


`"dy"/"dx" + "a"y` = emx का व्यापक हल ज्ञात कीजिए।


यदि y (x) समीकरण `((2 + sinx)/(1 + "y"))"dy"/"dx"` = – cosx  का हल है और y (0) = 1, है तब  `"y"(pi/2)` का मान ज्ञात कीजिए।


y2dx + (x2 – xy + y2) dy = 0 का व्यापक हल ज्ञात कीजिए।


Ax2 + By2 = 1 से A और B को विलुप्त करके अवकल समीकरण बनाइए।


अवकल समीकरण (1 + y2) tan–1xdx + 2y(1 + x2) dy = 0 को हल कीजिए।


`"y" + "d"/("d"x) (x"y") = x(sinx + logx)` को हल कीजिए।


अवकल समीकरण `(("d"^2"y")/("d"x^2))^2 + (("dy")/("d"x))^2 = xsin(("dy")/("d"x))` की घात है


y = Acos αx + Bsin αx जहाँ A और B स्वेछ अचर हैं के लिए अवकल समीकरण है


अवकल समीकरण `(1 - x^2) ("dy")/("d"x) - x"y"` = 1 का समाकलन गुणक है


अवकल समीकरण `"y" ("dy")/("d"x) + "c"` निरूपित करता है


अवकल समीकरण `("d"^2"y")/("d"x^2) + (("dy")/("d"x))^3 + 6"y"^5` = 0 की घात है


अवकल समीकरण `("dy")/("d"x) + "y" tanx - secx` = 0 का समाकलन गुणक है


वह वक्र जिसके लिए किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा की प्रवणता उस बिंदु के x-अक्ष (भुज) तथा y-अक्ष (कोटि) के अनुपात के बराबर है वह है


समीकरण (2y – 1)dx – (2x + 3)dy = 0 का हल है


अवकल समीकरण `x("dy")/("d"x) + 2"y" = x^2` का हल ______ है।


द्वितीय कोटि के अवकल समीकरण के विशिष्ट हल में स्वेच्छ अचरों की संख्या ं

दो होती है।


अवकल समीकरण `("dy")/("d"x) = (x + 2"y")/x` का हल x + y = kx2 है।


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