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प्रश्न
दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-
डिजिटल युग और मैं
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उत्तर
डिजिटल युग और मैं
डिजिटल युग ने मेरे जीवन को एक नई दिशा दी है। आजकल, डिजिटल प्रौद्योगिकी के साथ, मैं एक नये संदर्भ में जी रहा हूँ। सब कुछ डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रहा है - शिक्षा, व्यापार, संचार, आदि। हालांकि डिजिटल युग ने विश्व को एकत्रित किया है, लेकिन यह भी अनभिज्ञानता का कारण बन सकता है। हमें तकनीकी उन्नति के साथ-साथ मानवता के मूल मूल्यों की रक्षा करने की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए।
डिजिटलीकरण के परिणामस्वरूप, मेरे पास ज्यादा जानकारी और संसाधन हैं, लेकिन यह भी जिम्मेदारी बढ़ा दी है। तकनीकी समस्याओं का समाधान ढूँढने की कला में मैंने सुधार किया है, लेकिन वक्त की बर्बादी की भी आवश्यकता होती है। मैं डिजिटल माध्यमों के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर सकता हूँ, व्यापारिक क्रियाकलापों को सुचारु रूप से प्रबंधित कर सकता हूँ, और दुनियाभर में लोगों से जुड़ सकता हूँ। डिजिटल इंडिया अभियान की विभिन्न योजनाओं जैसे डिजिटल लॉकर, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल, ई-स्वास्थ्य, ई-शिक्षा, ई-साइन आदि को शुरु करके इस कार्यक्रम का अनावरण किया गया है। देश भर में लोग इस कार्यक्रम के तहत प्रौद्योगिकी में सुधार कर रहे हैं। डिजिटल इंडिया का उद्देश्य देश को डिजिटल-सक्षम समाज में परिवर्तित करना है।
डिजिटल युग ने हमारे जीवन को बहुत सरल बना दिया है। आजकल हम सभी अपने स्मार्टफोन, कंप्यूटर या लैपटॉप के माध्यम से अपने कामों को पूरा करते हैं। इससे हमें समय की बचत होती है और हमें अपने कामों को आसानी से पूरा करने में मदद मिलती है। स्मार्टफोन के बढ़ते बाजार, बढ़ती कनेक्टिविटी, सस्ते इंटरनेट और युवा आबादी के कारण फैल रही डिजिटल दुनिया इस अभियान का उद्देश्य इंटरनेट के माध्यम से देश में डिजिटल क्रांति लाना है, साथ ही इंटरनेट को सशक्त करके भारत के तकनीकी पक्ष को मजबूत करना है। डिजिटल माध्यम से कोई इंजीनियर या डॉक्टर आदि बन सकता है, परन्तु संस्कार तो गुरू से प्रत्यक्षतः ही मिल सकता है। याद करिए ''दरस-परस'' की हमारी परम्परा मिलने-जुलने से लोगों में जो आत्मीय भाव पैदा होता है, वह वीडियो कॉलिंग के माध्यम से कभी नहीं हो सकता है। डिजिटल प्रौद्योगिकी कई बार हमें हृदयहीन, उदासीन, एवं स्वयं केन्द्रित भी बना रही है।
इसका दुरूपयोग यहाँ तक हो रहा है कि बहुत से लोगों को चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, बेचैनी, यएकाग्रता में कमी, उग्रस्वभाव, लोगों के साथ व्यवहार में रूखापन दिखायी पड़ता है। इसके अतिरिक्त नेत्रों में कष्ट व बीमारियाँ भी कुछ लोगों में दिखायी पड़ती हे। खासकर छोटे-छोटे बच्चों में भी नेत्रों के कष्ट बढ़ रहें हैं, यह अत्यन्त चिन्ताजनक स्थिति है।
देश को डिजिटल रूप से विकसित करने और देश के आईटी संस्थान में सुधार करने के लिए, डिजिटल इंडिया महत्वपूर्ण पहल है।
Notes
आरंभ - 1 अंक
विषयवस्तु - 3 अंक
प्रस्तुति - 1 अंक
अंक भाषा - 1 अंक
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|
दिनांक: ------- विषय: -------------------------------- विषय विवेचन: ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- भवदीय/भवदीया, |
निचे दिए गए विषय पर मौलिक कहानी लिखिए:
'कर्जमुक्त मनुष्य ही सबसे सुखी मनुष्य होता है।'
