मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ६ वी

।। सौर ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा ।।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

।। सौर ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा ।।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को सौर ऊर्जा कहा जाता है। सौर ऊर्जा ही मौसम एवं जलवायु में परिवर्तन करती है। यह धरती पर सभी प्रकार के जीवन का सहारा है। सौर ऊर्जा से बिजली पैदा की जाती है। इस बिजली से पानी गरम करना, पंखे चलाना आदि काम करते हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाले लालटेन और सौर कूकर का भी उपयोग तेजी से होने लगा है। सौर ऊर्जा कभी न खत्म होने वाली अक्षय ऊर्जा है। जब तक सूर्य चमकता रहेगा, सौर ऊर्जा हमारे काम आएगी।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.09: जन्मदिन - जन्मदिन [पृष्ठ २१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 6 Maharashtra State Board
पाठ 1.09 जन्मदिन
जन्मदिन | Q (३) | पृष्ठ २१

संबंधित प्रश्‍न

।। हम विज्ञान लोक के वासी ।।


मैंने समझा बेटी युग कविता से 


।। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ।।


भारतीय मूल की किसी महिला अंतरिक्ष यात्री संबंधी जानकारी पढ़ो तथा विश्व के अंतरिक्ष यात्रियों के नाम बताओ।


यदि तुम्हें परी मिल जाए तो .....


।। गागर में सागर भरना ।।


शाक (पत्तोंवाली) और सब्जियों के पाँच-पाँच नाम सुनो और सुनाओ।


१ से १०० तक की संख्याओं का मुखर वाचन करो।


अक्षर समूह में से वैज्ञानिकों के उचित नाम बताओ और लिखाे :

मी भा हो भा     - ______
नी से भि   - ______
मं बं जू   - ______
स्क रा र्य भा चा   - ______
जे. ला ए.  पी. - ______
जा म्म की - ______
ना ला चा ल्प - ______

निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:

“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×