मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

अंतरजाल से पारंपरिक चित्र शैली के प्रकार खोजो और लिखोः जैसे-वारली, मधुबनी आदि। राज्य का नाम, शैली का नाम - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

लघु उत्तर
Advertisements

उत्तर

क्र. राज्य का नाम शैली का नाम
१. महाराष्ट्र वारली
२. बिहार मधुबनी
३. राजस्थान राजपूत शैला
४. बिहार पटना कलम
५. आंध्र प्रदेश कलमकारी
६. उड़ीसा पटचित्र
७. तमिलनाडु तंजौर चित्रकारी
८. मध्य प्रदेश गोंड कला
shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.03: दाे लघुकथाएँ - खोजबीन [पृष्ठ ३२]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 2.03 दाे लघुकथाएँ
खोजबीन | Q (१) | पृष्ठ ३२
बालभारती Hindi Sulabhbharati Ekatmik [Marathi] Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 11 दो लघुकथाएँ
अंतःपाठ प्रश्न | Q ४. | पृष्ठ ६१

संबंधित प्रश्‍न

‘तंबाकू सेवन के दुष्‍परिणाम’ विषय पर लगभग सौ शब्‍दों में निबंध लिखो।


‘कर्म ही पूजा है’, विषय पर अपने विचार सौ शब्‍दों में लिखो।


तुम्हें रुपयों से भरा बटुआ मिल जाए तो .....



किसी दुकानदार और ग्राहक के बीच होने वाला संवाद लिखो और सुनाओ: जैसे - माँ और सब्जीवाली।


।। हम सब एक हैं ।।


अपने चित्र के बारे में बोलो।


‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ पर आधारित कोई कहानी सुनाओ।


हमें सदैव प्रसन्न रहना चाहिए।


पसंदीदा विषय पर विज्ञापन बनाकर उसको पढ़ो।


‘साक्षरता अभियान’ के बारे में जानकारी बताओ।


अंकुरित अनाजों की सूची बनाओ और उपयोग लिखो।


संतुलित आहार पर पॉंच वाक्य बोलो।


अपने मित्र को शुभकामना/बधाई पत्र लिखो।


नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:


दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-

डिजिटल युग और मैं


निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -

परीक्षा के दिन


निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:

'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।


'भक्तिन' एक कर्मठ नारी के संघर्षमय जीवन की कहानी है। इस कथन को भक्तिन के जीवन के चार अध्यायों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×