Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘भोजन का प्रभाव’- टिप्पणी लिखो।
Advertisements
उत्तर
भारतीय परंपराओं के अनुसार भोजन सिर्फ हमारे शरीर की आवश्यकता नहीं है, अपितु इसका असर हमारे मन पर भी पड़ता है। इसी कारणवश भोजन को सात्विक, राजसिक व तामसिक भोजन ऐसी तीन श्रेणियों में बाँटा गया है। कहा जाता है, 'जैसा खाए अन्न, वैसा बने मन' अर्थात हम जैसा भोजन ग्रहण करते हैं, उसके अनुरूप हमारे तन व मन पर प्रभाव पड़ता है। जैसे यदि हम सात्विक भोजन करते हैं, तो हमारे मन में दया, क्षमा, प्रेम जैसे भाव अधिक होते हैं। राजसिक भोजन करने से आवेश, कामुकता, तनाव, आलस्य जैसे भाव व्यक्ति में बढ़ जाते हैं। इसके अलावा तामसिक भोजन करने वाले व्यक्तियों में क्रोध, हिंसा, उत्तजेना जैसे भाव बहुत अधिक होने की संभावना होती है। इस तरह यह कहा जा सकता है कि भोजन का हमारे शरीर व मन दोनों पर बहुत प्रभाव पड़ता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मैंने समझा मधुबन पाठ से
‘जल के अपव्यय की रोकथाम’ संबंधी चित्रकला प्रदर्शनी का आकर्षक विज्ञापन तैयार करो।



अकबर के नौ रत्नों के बारे में बताओ।
हजारी प्रसाद द्विवेदी की ‘कबीर ग्रंथावली’ से पाँच दोहे ढूँढकर सुंदर अक्षरों में लिखो।
किसी दुकानदार और ग्राहक के बीच होने वाला संवाद लिखो और सुनाओ: जैसे - माँ और सब्जीवाली।
यदि प्रकृति में सुंदर - सुंदर रंग नहीं होते तो ..........
ॠतुओं के नाम बताते हुए उनके परिवर्तन की जानकारी प्राप्त कराे और लिखो।
सच्चाई में ही सफलता निहित है।
हमें सदैव प्रसन्न रहना चाहिए।
यदि मैं पुस्तक होता/होती तो ......
अपने परिवार के प्रिय व्यक्ति के लिए चार काव्य पंक्तियाँ लिखो।
यदि भोजन से नमक गायब हो जाए तो...
प्राणियों का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

आपने समाचारपत्रों, टी.वी. आदि पर अनेक प्रकार के विज्ञापन देखे होंगे जिनमें ग्राहकों को हर तरीके से लुभाने का प्रयास किया जाता है, नीचे लिखे बिंदुओं के संदर्भ में किसी एक विज्ञापन की समीक्षा कीजिए और यह लिखिए कि आपको विज्ञापन की किस बात से सामान खरीदने के लिए प्रेरित किया।
- विज्ञापन में सम्मिलित चित्र और विषय-वस्तु
- विज्ञापन में आए पात्र व उनका औचित्य
- विज्ञापन की भाषा
निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:
'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।
