मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ८ वी

‘भोजन का प्रभाव’- टिप्पणी लिखो।

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प्रश्न

‘भोजन का प्रभाव’- टिप्पणी लिखो।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

भारतीय परंपराओं के अनुसार भोजन सिर्फ हमारे शरीर की आवश्यकता नहीं है, अपितु इसका असर हमारे मन पर भी पड़ता है। इसी कारणवश भोजन को सात्विक, राजसिक व तामसिक भोजन ऐसी तीन श्रेणियों में बाँटा गया है। कहा जाता है, 'जैसा खाए अन्न, वैसा बने मन' अर्थात हम जैसा भोजन ग्रहण करते हैं, उसके अनुरूप हमारे तन व मन पर प्रभाव पड़ता है। जैसे यदि हम सात्विक भोजन करते हैं, तो हमारे मन में दया, क्षमा, प्रेम जैसे भाव अधिक होते हैं। राजसिक भोजन करने से आवेश, कामुकता, तनाव, आलस्य जैसे भाव व्यक्ति में बढ़ जाते हैं। इसके अलावा तामसिक भोजन करने वाले व्यक्तियों में क्रोध, हिंसा, उत्तजेना जैसे भाव बहुत अधिक होने की संभावना होती है। इस तरह यह कहा जा सकता है कि भोजन का हमारे शरीर व मन दोनों पर बहुत प्रभाव पड़ता है।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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पाठ 1.9: अनमोल वाणी - सूचना के अनुसार कृतियाँ करो [पृष्ठ २४]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
पाठ 1.9 अनमोल वाणी
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो | Q (४) | पृष्ठ २४

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