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प्रश्न
अकबर के नौ रत्नों के बारे में बताओ।
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उत्तर
अकबर के दरबार में नौ गुणवान दरबारी थे, जिन्हें अकबर के नौ रत्नों के नाम से जाना जाता है। इन नौ रत्नों में से पहले रत्न बीरबल थे, जो अकबर के दरबार के विदूषक और सलाहकार थे। दूसरे रत्न अबुल फजल थे, जिन्होंने अकबर के काल को क्रमबद्ध किया था तथा 'अकबरनामा' और 'आइना-ए-अकबरी' की रचना की थी। ये अकबर के मुख्य सलाहकार व सचिव थे। तीसरे रत्न टोडरमल अकबर के वित्तमंत्री थे। तानसेन चौथे रत्न थे। ये अकबर के दरबार में गायक थे। पाँचवें रत्न मानसिंह अकबर की सेना के प्रधान सेनापति थे। छठवें रत्न अब्दुल रहीम खान-एखाना एक प्रतिष्ठित कवि थे और अकबर के संरक्षक बैरम खान के बेटे थे। सातवें रत्न मुल्ला दो प्याजा अकबर के सलाहकार थे। इन्हें भोजन में दो प्याज अधिक पसंद थे इसलिए अकबर ने इन्हें दो प्याजा की उपाधि प्रदान की थी। आठवें रत्न हकीम हुमाम अकबर के रसोईघर के प्रधान थे। अंतिम और नौवें रत्न फैजी, अकबर के दरबार में राज कवि के पद पर आसीन थे। अकबर के इन सभी रत्नों में एक बात आम थी कि सभी के सभी बेहद बुद्धिमान और प्रतिभावान थे इसलिए बादशाह अकबर ने अपने इन नौ दरबारियों को नौ रत्नों की उपाधि दी।
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