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प्रश्न
निम्नलिखित शब्द की सहायता से नए शब्द बनाओ:

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उत्तर
दीप
- दीपशिखा
- दीपस्तंभ
- दीपदान
- दीपगृह
संबंधित प्रश्न
‘जहाँ चाह होती है वहाँ राह निकल आती है’, इस सुवचन पर आधारित अस्सी शब्दों तक कहानी लिखिए।
किसानों के सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी प्राप्त करके उन समस्याओं को दूर करने हेतु चर्चा करो।
‘कर्म ही पूजा है’, विषय पर अपने विचार सौ शब्दों में लिखो।
निम्न मुद्दों के आधार पर विज्ञापन लिखो :
स्थल/जगह, संपर्क, पुस्तक मेला, दिनांक, समय
हजारी प्रसाद द्विवेदी की ‘कबीर ग्रंथावली’ से पाँच दोहे ढूँढकर सुंदर अक्षरों में लिखो।
इस वर्ष का सूर्यग्रहण कब है? उस समय पशु-पक्षी के वर्तन-परिवर्तन का निरीक्षण करो और बताओ।
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
।। हे विश्वचि माझे घर ।।
विभिन्न क्षेत्रों की ‘प्रथम भारतीय महिलाओं’ की सचित्र जानकारी काॅपी में चिपकाओ।
नियत विषय पर भाषण तैयार करो।
अपने परिवार का वंश वृक्ष तैयार करो और रिश्ते-नातों के नाम लिखो।
फल-फूलों के दस-दस नाम लिखो।
| फलों के नाम | फूलों के नाम |
| १. ______ | १. ______ |
| २. ______ | २. ______ |
| ३. ______ | ३. ______ |
| ४. ______ | ४. ______ |
| ५. ______ | ५. ______ |
| ६. ______ | ६. ______ |
| ७. ______ | ७. ______ |
| ८. ______ | ८. ______ |
| ९. ______ | ९. ______ |
| १०. ______ | १०. ______ |
थर्मामीटर में किस धातु का प्रयोग होता है, बताओ।
नवयुवकों की शक्ति देशहित में लगनी चाहिए।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :

दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-
परीक्षा तनाव के कारण व इसे रोकने के उपाये
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए 'असंभव', 'गंदा' या 'नीचा' शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।'' ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।'' मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है ? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और 'निर्मल हृदय' जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
आप आस्था/मनु हैं। 'ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य' इस विषय पर लगभग 100 शब्दों में अपने विचार लिखकर किसी दैनिक समाचार- पत्र के संपादक को भेजिए।
