Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘मैं पंछी बोल रहा हूँ ...’ विषय पर निबंध लिखिए।
Advertisements
उत्तर
‘मैं पंछी बोल रहा हूँ ...’
मैं एक पंछी हूँ, प्राकृतिक संसार का प्राणी हूँ। मैं एक घर की छत पर बैठा हूँ। ईश्वर का धन्यवाद, मुझे अपनी इच्छा के अनुसार धरती की यात्रा करने की भी स्वतंत्रता है। मुझे इस घर के आँगन में बैठना इतना अच्छा लगता है, इसका कारण यह है कि जब मैं वहाँ बैठता हूँ तो घर के मालिक मुझे खाना खिलाते हैं और अन्य उपहार देते हैं। आजकल इतने अच्छे लोग नहीं हैं। जब मैंने समुद्र के ऊपर से उड़ान भरी तो मैं बहुत खुश था। जब लहरें समुद्र में बहती थीं तो मैं उनके साथ नाचता था। बहुत से लोगों को पक्षियों से गहरा लगाव होता है; कुछ तो उन्हें पिंजरों में भी रखते हैं। हालाँकि, ये लोग यह समझने में विफल रहते हैं कि स्वतंत्रता वास्तव में वह है जो हमें खुश करती है। हम आसमान की खोज करना और उड़ना पसंद करते हैं। मैं अन्य पक्षियों के साथ आनंद लेने से खुद को रोक नहीं पा रहा था। भले ही मनुष्य ने पर्यावरण को नष्ट करके, उसके साथ खिलवाड़ करके और अन्य कपटपूर्ण गतिविधियों में जुड़ कर हमें नुकसान पहुँचाया है, हम पक्षियों का मानना है कि मनुष्य को भी अपने जीवन से संतुष्ट रहना चाहिए। असल में हम किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। आज के पक्षी विलुप्त होते जा रहे हैं; अधिकांश प्रजातियाँ केवल चिड़ियाघरों में ही पाई जा सकती हैं; लोग हमें देखने के लिए पैसे देते हैं और खुश होते हैं; बच्चे हमें देखते हैं और हमारी चहचहाहट की आवाज़ सुनते हैं। जिसे सुनने के बाद आप खुशी से झूम उठेंगे। हम सभी को अपनी आवाज पहचानने और सुनने में सक्षम होना चाहिए क्योंकि हम सभी अलग-अलग कौशल, जुनून और आकांक्षाओं वाले व्यक्ति हैं। एक साथ काम करके, हम आगे बढ़ सकते हैं और अपने जीवन को बदल सकते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘विकास की ओर बढ़ता हुआ भारत देश’ से संबंधित महत्त्वपूर्ण कार्यों की सूची बनाओ।
‘जहाँ चाह होती है वहाँ राह निकल आती है’, इस सुवचन पर आधारित अस्सी शब्दों तक कहानी लिखिए।
मैंने समझा पूर्ण विश्राम पाठ से
‘हाफ मैराथन’ में सफलता प्राप्त करने के लिए कौन-कौन-सी तैयारियाँ करोगे, लिखो।
मैंने समझा सौहार्द कविता से
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दो।


मैंने समझा स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है पाठ से
निम्न मुद्दों के आधार पर विज्ञापन लिखो :
स्थल/जगह, संपर्क, पुस्तक मेला, दिनांक, समय
संदर्भ स्रोतों द्वारा निम्न रोगों से बचने के लिए दिए जाने वाले टीकों की जानकारी सुनो और संकलित करो :
| रोग | टीका | रोग | टीका |
| तपेदिक(टीबी) | बी.सी.जी | टायफॉइड (मोतीझरा) | ______ |
| डिप्थीरिया | ______ | रुबेला | ______ |
| खसरा | ______ | हैपेटाइटिस ए | ______ |
| रोटावायरस | ______ | टिटनस | ______ |
।। जीवन चलता ही रहता।।
मैंने समझा दाे लघुकथाएँ पाठ से

पाठाें में आए हुए मूल्यों को सुनो, तालिका बनाओ और सुनाओ।
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
अपने परिवार से संबंधित कोई संस्मरण लिखो।
यदि पानी की टोंटी बाेलने लगी........
किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।
।। विज्ञान का फैलाओगे प्रकाश तो होगा अंधविश्वास का नाश ।।
अपने साथ घटित कोई मजेदार घटना बताओ।
अपने परिवेश में शांति किस प्रकार स्थापित की जा सकती है।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :

शाक (पत्तोंवाली) और सब्जियों के पाँच-पाँच नाम सुनो और सुनाओ।
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
आप आस्था/मनु हैं। 'ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य' इस विषय पर लगभग 100 शब्दों में अपने विचार लिखकर किसी दैनिक समाचार- पत्र के संपादक को भेजिए।
निचे दिए गए विषय पर मौलिक कहानी लिखिए:
'कर्जमुक्त मनुष्य ही सबसे सुखी मनुष्य होता है।'
