मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ८ वी

निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दो। एक गाँव दर्जी की दुकान प्रतिदिन हाथी का दुकान से होकर नदी पर नहाने जाना दर्जी का हाथी काे केला खिलाना एक दिन दर्जी को मजाक सूझन - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दो। 

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

जैसे को तैसा

रामपुर नाम का एक गाँव था। उस गाँव में भोला दर्जी की एक छोटी-सी दुकान थी। दुकान से थोड़ी दूर पर गाँव के किनारे एक नदी थी। इस गाँव से होकर प्रतिदिन एक हाथी नदी पर नहाने जाता था। हाथी जब भी उस दर्जी की दुकान के सामने से गुजरता, दर्जी उसे केले खिलाता। धीरे-धीरे हाथी और दर्जी के बीच एक विशेष मित्रता हो गई। भोला दर्जी हाथी को केले खिलाता था और हाथी भी बहुत खुश रहता था। एक दिन भोला दर्जी के मन में एक शरारत सूझी। उसने सोचा कि आज हाथी के साथ मजाक किया जाए। जब हाथी अपनी सामान्य दिनचर्या के अनुसार दुकान के सामने आया, तो भोला दर्जी ने केले देने के बजाय हाथी की सूंड में सुई चुभा दी। हाथी अचानक दर्द से तड़प उठा और गुस्से में वहां से चला गया, लेकिन उसने कुछ नहीं किया। अगले दिन, हाथी फिर से उसी रास्ते से नदी की ओर जा रहा था। इस बार उसने अपनी सूंड में नदी का ठंडा पानी भर लिया। जब वह भोला दर्जी की दुकान के सामने पहुंचा, तो उसने अपनी सूंड का सारा पानी दर्जी पर डाल दिया। भोला दर्जी पूरी तरह भीग गया और सर्दी से कांपने लगा। भोला दर्जी ने महसूस किया कि हाथी ने उसके मजाक का बदला लिया है। उसे अपने किए पर बहुत पछतावा हुआ और उसने सोचा कि उसे किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए। इस घटना के बाद भोला दर्जी ने हाथी से माफी मांगी और वादा किया कि वह आगे से ऐसा कभी नहीं करेगा। हाथी और भोला दर्जी की दोस्ती फिर से पहले जैसी हो गई। अब भोला दर्जी हर दिन हाथी को केले खिलाता और हाथी खुशी-खुशी केले खाकर नदी पर नहाने चला जाता।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.6: अंधायुग - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
पाठ 2.6 अंधायुग
उपयोजित लेखन | Q (१) | पृष्ठ ४१

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