Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मैंने समझा अंधायुग कविता से।
Advertisements
उत्तर
मानव की उन्नति और अवनति दोनों उसी के हाथों में है। यदि वह चाहे तो सत्कर्मों से अपने जीवन को सफल बना सकता है और यदि चाहे तो गलत राह अपनाकर अपने जीवन को व्यर्थ कर सकता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कोई साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए संपादक को निम्न प्रारूप में पत्र लिखो :
|
पत्र का प्रारूप दिनांक : ______ विषय : ______ __________________________________________________ भवदीय/भवदीया, ____________ नाम : ____________ ई-मेल आईडी : ____________ |
मैंने समझा सौहार्द कविता से
मैंने समझा स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है पाठ से
मैंने समझा मेरा विद्रोह पाठ से

निम्नलिखित शब्दों के आधार पर एक कहानी लिखो: पानी, पुस्तक, बिल्ली, राखी।

किसी महान विभूति का जीवनक्रम वर्षानुसार बनाकर लाओ और पढ़ो : जैसे- जन्म, शालेय शिक्षा आदि।
मैंने समझा बेटी युग कविता से
हजारी प्रसाद द्विवेदी की ‘कबीर ग्रंथावली’ से पाँच दोहे ढूँढकर सुंदर अक्षरों में लिखो।
किसी दुकानदार और ग्राहक के बीच होने वाला संवाद लिखो और सुनाओ: जैसे - माँ और सब्जीवाली।
सच्चाई में ही सफलता निहित है।
यदि मैं पुस्तक होता/होती तो ......
महान विभूतियों की सूची बनाकर उनके कार्यों का उल्लेख करते हुए निबंध लिखो।
पसंदीदा विषय पर विज्ञापन बनाकर उसको पढ़ो।
वैज्ञानिक की जीवनी पढ़ो और उसके आविष्कार लिखो।
ऐतिहासिक वास्तुओं का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
खेतों में भुट्टे की फसल देख, हर कोई कहता- कितनी बढ़िया है। दो-चार दिन में कटाई की तैयारी थी लेकिन .......
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
कल्पना कीजिए कि आप सीमा पर तैनात एक सिपाही हैं। परिवार तथा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करते हुए आप कैसा महसूस करते हैं? आप अपने परिवार तथा देशवासियों से किस प्रकार के सहयोग की अपेक्षा करते हैं? समझाकर लिखिए।
