मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ८ वी

मैंने समझा अंधायुग कविता से।

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प्रश्न

मैंने समझा अंधायुग कविता से।  

लघु उत्तर
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उत्तर

मानव की उन्नति और अवनति दोनों उसी के हाथों में है। यदि वह चाहे तो सत्कर्मों से अपने जीवन को सफल बना सकता है और यदि चाहे तो गलत राह अपनाकर अपने जीवन को व्यर्थ कर सकता है।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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पाठ 2.6: अंधायुग - स्‍वयं अध्ययन [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
पाठ 2.6 अंधायुग
स्‍वयं अध्ययन | Q (२) | पृष्ठ ४१

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।। वृक्षवल्ली आम्हां सोयरे वनचरे।।


संदर्भ स्रोतों द्‌वारा निम्न रोगों से बचने के लिए दिए जाने वाले टीकों की जानकारी सुनो और संकलित करो :

रोग टीका रोग टीका
तपेदिक(टीबी)  बी.सी.जी टायफॉइड (मोतीझरा) ______
डिप्थीरिया ______ रुबेला ______
खसरा ______ हैपेटाइटिस ए ______
रोटावायरस ______ टिटनस ______

भारतीय मूल की किसी महिला अंतरिक्ष यात्री संबंधी जानकारी पढ़ो तथा विश्व के अंतरिक्ष यात्रियों के नाम बताओ।


पाठाें में आए हुए मूल्यों को सुनो, तालिका बनाओ और सुनाओ।


।। हम सब एक हैं ।।


।। गागर में सागर भरना ।।


अपने परिवार से संबंधित कोई संस्मरण लिखो।


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खादी का कपड़ा कैसे बनाया जाता है इसकी जानकारी प्राप्त करके लिखो।


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निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

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'किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मुँदकर विश्वास कर लेना घातक सिद्ध हो सकता है।-'सती' कहानी के प्रसंग में मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए इस कथन की व्याख्या कीजिए।


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