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Question
मैंने समझा अंधायुग कविता से।
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Solution
मानव की उन्नति और अवनति दोनों उसी के हाथों में है। यदि वह चाहे तो सत्कर्मों से अपने जीवन को सफल बना सकता है और यदि चाहे तो गलत राह अपनाकर अपने जीवन को व्यर्थ कर सकता है।
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