English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 8th Standard

मैंने समझा अंधायुग कविता से।

Advertisements
Advertisements

Question

मैंने समझा अंधायुग कविता से।  

Short Answer
Advertisements

Solution

मानव की उन्नति और अवनति दोनों उसी के हाथों में है। यदि वह चाहे तो सत्कर्मों से अपने जीवन को सफल बना सकता है और यदि चाहे तो गलत राह अपनाकर अपने जीवन को व्यर्थ कर सकता है।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.6: अंधायुग - स्‍वयं अध्ययन [Page 41]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
Chapter 2.6 अंधायुग
स्‍वयं अध्ययन | Q (२) | Page 41

RELATED QUESTIONS

वृक्ष और पंछी के बीच का संवाद लिखो।


मैंने समझा लकड़हारा और वन पाठ से 



।। हम विज्ञान लोक के वासी ।।


।। जीवन चलता ही रहता।।


।। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ।।



मैंने समझा शब्द संपदा पाठ से 


चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:


।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।


यदि समय का चक्र रुक जाए तो ......


नवयुवकों की शक्ति देशहित में लगनी चाहिए।


अपने साथ घटित कोई मजेदार घटना बताओ।


नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:


नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


अपना परिचय देते हुए परिवार के बारे में दस वाक्य लिखो।


घर में अतिथि के आगमन पर आपको कैसा लगता है, बताइए।


मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:

एक हंस और एक कौए में मित्रता - हंस का कौए के साथ उड़ते जाना - कौए का दधिपात्र लेकर जाने वाले ग्वाले को देखना - ललचाना - कौए का दही खाने का आग्रह - हंस का इनकार - कौए का घसीटकर ले जाना - कौए का चोंच नचा - नचाकर दही खाना - हंस का बिलकुल न खाना - आहट पाकर कौए का उड़ जाना - हंस का पकड़ा जाना - परिणाम - शीर्षक।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×