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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 8th Standard

मैंने समझा अंधायुग कविता से।

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Question

मैंने समझा अंधायुग कविता से।  

Short Answer
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Solution

मानव की उन्नति और अवनति दोनों उसी के हाथों में है। यदि वह चाहे तो सत्कर्मों से अपने जीवन को सफल बना सकता है और यदि चाहे तो गलत राह अपनाकर अपने जीवन को व्यर्थ कर सकता है।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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Chapter 2.6: अंधायुग - स्‍वयं अध्ययन [Page 41]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
Chapter 2.6 अंधायुग
स्‍वयं अध्ययन | Q (२) | Page 41

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