Advertisements
Advertisements
Question
यदि भोजन से नमक गायब हो जाए तो...
Advertisements
Solution
यदि भोजन से नमक गायब हो जाए तो भोजन स्वादिष्ट नहीं लगेगा। हर चीज फीकी लगेगी। फीका भोजन करना मुश्किल होगा और हमारा पेट नहीं भरेगा। पेटभर खाना न खाने से हमें कमजोरी आ जाएगी। हम ढंग से कोई काम नहीं कर सकेंगे। नमक के बिना हमारे शरीर को आयोडीन नहीं मिलेगा, जिससे शरीर का विकास रुक जाएगा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
रचना के आधार पर विभिन्न प्रकार के तीन-तीन वाक्य पाठों से ढूँढ़कर लिखो।
किसी गायक/गायिका की सचित्र जानकारी लिखो।
ॠतुओं के नाम बताते हुए उनके परिवर्तन की जानकारी प्राप्त कराे और लिखो।
अपने परिवार का वंश वृक्ष तैयार करो और रिश्ते-नातों के नाम लिखो।
फल-फूलों के दस-दस नाम लिखो।
| फलों के नाम | फूलों के नाम |
| १. ______ | १. ______ |
| २. ______ | २. ______ |
| ३. ______ | ३. ______ |
| ४. ______ | ४. ______ |
| ५. ______ | ५. ______ |
| ६. ______ | ६. ______ |
| ७. ______ | ७. ______ |
| ८. ______ | ८. ______ |
| ९. ______ | ९. ______ |
| १०. ______ | १०. ______ |
संतुलित आहार पर पॉंच वाक्य बोलो।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

अक्षर समूह में से वैज्ञानिकों के उचित नाम बताओ और लिखाे :
| मी | भा | हो | भा | - | ______ | ||
| नी | से | ज | भि | र | - | ______ | |
| मं | बं | जू | स | ल | - | ______ | |
| स्क | रा | र्य | भा | चा | - | ______ | |
| जे. | क | म | ला | ए. | पी. | - | ______ |
| जा | अ | न | म्म | की | ल | - | ______ |
| ना | व | क | ला | चा | ल्प | - | ______ |
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
आसमान में उड़ती पतंगें। देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो गए। एक लंबा समय और हम अभी भी .........
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
