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Question
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर एक कहानी लिखो: पानी, पुस्तक, बिल्ली, राखी।
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Solution 1
स्नेहल की बिल्ली
तारापुर के संगम मुहल्ले में एक लड़की रहती थी। उसका नाम स्नेहल था। स्नेहल सातवीं कक्षा की विद्यार्थी थी। कुछ ही दिनों में उसकी परीक्षा शुरू होने वाली थी इसलिए वह रोज शाम को अपनी सहेली टीना के घर पढ़ाई करने जाने लगी। एक दिन पढ़ाई करते-करते दोनों को समय का पता ही नहीं चला। जब उन्होंने घड़ी देखी तो रात के ९.३० बज रहे थे। स्नेहल ने अपनी पुस्तक हाथ में ली और टीना से विदा लेते हुए जैसे ही वह घर से बाहर निकली अचानक जोर से बिजली कड़कने लगी।
स्नेहल जल्दी-जल्दी कदम बढ़ाकर चलने लगी। वह आधे रास्ते तक ही पहुँची थी तब तक तेज पानी बरसने लगा। उसने पास की दुकान से एक थैली खरीदी और अपनी पुस्तक को भीगने से बचा लिया। वह वहीं खड़ी होकर बारिश के रुकने का इंतजार कर रही थी, तब उसे याद आया कि कल तो राखी का त्योहार है और उसे त्योहार की तैयारी भी करनी थी। यह सब सोचते-सोचते अचानक उसकी नजर एक बिल्ली पर पड़ी, जो पानी में पूरी तरह भीगकर काँप रही थी। स्नेहल ने जब उसे देखा तो उसे उस बिल्ली पर दया आ गई। उसने उस बिल्ली को अपने हाथ में उठा लिया। अब बारिश भी बंद हो गई थी। स्नेहल घर के लिए निकल पड़ी। घर पहुँचते ही उसने बिल्ली को सूखे कपड़े से पोछा और दूध पिलाया। बिल्ली दूध पीकर थोड़ी स्वस्थ दिखने लगी। स्नेहल ने उसे अपने कमरे के एक कोने में छोटा-सा बिस्तर लगाकर सुला दिया और फिर वह हाथ-मुँह धोकर खाना खाने चली गई। माँ-पापा ने उसके इस कार्य के लिए उसे शाबाशी दी।
सुबह जब वह सोकर उठी तो उसने देखा कि बिल्ली एकदम स्वस्थ हो गई थी। स्नेहल ने जल्दी-जल्दी तैयार होकर अपने भाई को राखी बाँधी और मिठाई खिलाई। उसके भाई ने उसे ढेर सारे तोहफे दिए, जिसे देखकर वह खुश हो गई। राखी के त्योहार पर इस बिल्ली को मिले नए जीवन की वजह से स्नेहल ने बिल्ली का नाम राखी रख दिया। अब दोनों दोस्त बनकर साथ रहने लगीं।
सीख: जीवों पर दया करनी चाहिए।
Solution 2
राखी, बिल्ली और भीगी किताब
राखी को किताबें पढ़ने का बहुत शौक था। वह हर रात सोने से पहले अपनी पसंदीदा पुस्तक पढ़ती थी। उसकी प्यारी बिल्ली मीठी भी हमेशा उसके साथ होती, उसके पास बैठकर उसके साथ किताबों के पन्ने पलटती।
एक दिन राखी अपनी किताब पढ़ रही थी, तभी उसकी बिल्ली ने खेल-खेल में पानी के गिलास को गिरा दिया। पूरा फर्श पानी-पानी हो गया और राखी की किताब भीग गई। राखी को बहुत दुख हुआ क्योंकि वह उसकी सबसे पसंदीदा किताब थी।
राखी ने प्यार से मीठी को देखा और समझाया, "मीठी, किताबों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।" उसने गीली किताब को धूप में रख दिया और मीठी को गोद में उठा लिया।
अगले दिन राखी को उसके भाई ने राखी बांधी और उसे एक नई किताब गिफ्ट में दी। राखी बहुत खुश हो गई और उसने मीठी से कहा, "इस बार हम किताब का अच्छे से ध्यान रखेंगे!" मीठी ने भी जैसे सहमति में अपनी पूंछ हिला दी।
सीख:
हमें अपनी चीजों की देखभाल करनी चाहिए और गलती करने वालों को माफ करके समझाना चाहिए।
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मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

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निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
आप आस्था/मनु हैं। 'ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य' इस विषय पर लगभग 100 शब्दों में अपने विचार लिखकर किसी दैनिक समाचार- पत्र के संपादक को भेजिए।
