Advertisements
Advertisements
Question
मैंने समझा गाँव-शहर कविता से
Advertisements
Solution
शहरों में बढ़ती भीड़ के कारण लोगों को मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं मिल पा रही हैं। शहर की व्यवस्था डगमगा गई है। दूसरी ओर गाँवों का शहरीकरण होने लगा है, जिससे गाँव अपनी पहचान खोने लगे हैं। खेती छोड़कर लोग अब शहरों में नौकरी-धंधे करने लगे हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव खेती व पैदावार पर पड़ रहा है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
‘सादा जीवन, उच्च विचार’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
प्राचीन काल से आज तक प्रचलित संदेश वहन के साधनों की सचित्र सूची तैयार करो।
मैंने समझा लकड़हारा और वन पाठ से
यदि प्राकृतिक संसाधन समाप्त हो जाएँ तो...... जैसे - जल, वन आदि।
निम्नलिखित शब्द की सहायता से नए शब्द बनाओ:

।। सत्यमेव जयते ।।
मैंने समझा दाे लघुकथाएँ पाठ से
भारत के सभी राज्यों की प्रमुख भाषाओं के नाम बताओ। उनसे संबंधित अधिक जानकारी पढ़ो।
- पुस्तकालय से
- अंतरजाल से
प्लास्टिक, थर्माकोल आदि प्रदूषण बढ़ाने वाले घटकों का उपयोग हानिकारक है।
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
गृह उद्याेगों की जानकारी प्राप्त करो और इसपर चर्चा करो।
एक से सौ तक की उलटी गिनती पढ़ो और काॅपी में लिखो :

।। विज्ञान का फैलाओगे प्रकाश तो होगा अंधविश्वास का नाश ।।
प्रत्येक का अपना-अपना महत्त्व होता है।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

अपने ग्राम/नगर/महानगर के संबंधित अधिकारी को बच्चों के खेलने के लिए बगीचा बनवाने हेतु पत्र लिखिए। (पत्र निम्न प्रारूप में हो)
|
दिनांक: .......... ------- विषय: -------------------------------- विषय विवेचन: ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- भवदीय/भवदीया, |
आप आस्था/मनु हैं। 'ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य' इस विषय पर लगभग 100 शब्दों में अपने विचार लिखकर किसी दैनिक समाचार- पत्र के संपादक को भेजिए।
'भक्तिन' एक कर्मठ नारी के संघर्षमय जीवन की कहानी है। इस कथन को भक्तिन के जीवन के चार अध्यायों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
