Advertisements
Advertisements
Question
मीरा का पद पढ़ो और सरल अर्थ बताओ।
Advertisements
Solution
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई।
जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई।
अर्थ: मीरा कहती हैं, "मेरे तो बस श्रीकृष्ण हैं, जिन्होंने पर्वत को उँगली पर उठाकर गिरधर नाम पाया। उनके अलावा मैं किसी को अपना नहीं मानती। जिनके सिर पर मोर के पंख का मुकुट है वही मेरे पति हैं।“
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
‘कर्म ही पूजा है’, विषय पर अपने विचार सौ शब्दों में लिखो।
यदि प्राकृतिक संसाधन समाप्त हो जाएँ तो...... जैसे - जल, वन आदि।

यदि तुम सैनिक होते तो .....
यदि प्रकृति में सुंदर - सुंदर रंग नहीं होते तो ..........
संत तुकाराम के अभंग पढ़ाे और गाओ।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आत्मकथा का अंश पढ़कर चर्चा करो।
किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

'भक्तिन' एक कर्मठ नारी के संघर्षमय जीवन की कहानी है। इस कथन को भक्तिन के जीवन के चार अध्यायों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
