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Question

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Solution
गलती करना यह मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन उन गलतियों से सीख लेते हुए भविष्य में गलतियाँ न करने का प्रयास भी करना चाहिए। एक सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य का यह कर्तव्य है कि दूसरों के हित-अनहित को ध्यान में रखते हुए वह अपना कर्म करे। जहाँ तक संभव हो परोपकार की राह पर चलते हुए दूसरों की राहों में फूल बिछाए। जरूरतमंदों की हर संभव मदद करे। मनुष्य को फूल के जैसा जीवन जीना चाहिए जो दूसरों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देता है, न कि शूल के जैसा जो हमेशा दूसरों को कष्ट देता है।
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