Advertisements
Advertisements
Question

Advertisements
Solution
गलती करना यह मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन उन गलतियों से सीख लेते हुए भविष्य में गलतियाँ न करने का प्रयास भी करना चाहिए। एक सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य का यह कर्तव्य है कि दूसरों के हित-अनहित को ध्यान में रखते हुए वह अपना कर्म करे। जहाँ तक संभव हो परोपकार की राह पर चलते हुए दूसरों की राहों में फूल बिछाए। जरूरतमंदों की हर संभव मदद करे। मनुष्य को फूल के जैसा जीवन जीना चाहिए जो दूसरों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देता है, न कि शूल के जैसा जो हमेशा दूसरों को कष्ट देता है।
RELATED QUESTIONS
मैंने समझा वारिस कौन? पाठ से
मैंने समझा नाखून क्यों बढ़ते हैं? पाठ से
मैंने समझा धरती का आँगन महके कविता से
‘जल के अपव्यय की रोकथाम’ संबंधी चित्रकला प्रदर्शनी का आकर्षक विज्ञापन तैयार करो।
मैंने समझा लकड़हारा और वन पाठ से
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दो।


निम्नलिखित शब्दों के आधार पर एक कहानी लिखो: पानी, पुस्तक, बिल्ली, राखी।
एक से सौ तक की उलटी गिनती पढ़ो और काॅपी में लिखो :

‘साक्षरता अभियान’ के बारे में जानकारी बताओ।
।। करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।।
यदि तुम्हें अलादीन का चिराग मिल जाए तो...
थर्मामीटर में किस धातु का प्रयोग होता है, बताओ।
यदि खनिज तेल का खजाना समाप्त हो जाए तो...
पढ़ाई का नियोजन करते हुए अपनी दिनचर्या लिखो।
संतुलित आहार पर पॉंच वाक्य बोलो।
नवयुवकों की शक्ति देशहित में लगनी चाहिए।
।। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन। याेगासन है, उत्तम साधन ।।
‘बाघ बचाओ परियोजना’ के बारे में जानकारी प्राप्त कर लिखो।
