English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 8th Standard

मैंने समझा लकड़हारा और वन पाठ से

Advertisements
Advertisements

Question

मैंने समझा लकड़हारा और वन पाठ से 

Short Answer
Advertisements

Solution

पेड़ हमारे जीवनदाता हैं। इनसे हमें बहुत सारे फायदे हैं। हमारा जीवन इन्हीं पर अवलंबित है। ये हमें अपना सब कुछ देते हैं और बदले में हमसे कुछ नहीं माँगते। अत: हमें इनकी रक्षा करने में अपना योगदान देना चाहिए तथा अधिक-से-अधिक पेड़ लगाने चाहिए।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.3: लकड़हारा और वन - उपयोजित लेखन [Page 33]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
Chapter 2.3 लकड़हारा और वन
उपयोजित लेखन | Q (२) | Page 33

RELATED QUESTIONS

मैंने समझा हे मातृभूमि कविता से 


मैंने समझा मेरे रजा साहब पाठ से 


कोई साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए संपादक को निम्‍न प्रारूप में पत्र लिखो :

पत्र का प्रारूप
(औपचारिक पत्र)

दिनांक :
प्रति,

______
______

विषय : ______
संदर्भ : ______
महोदय,
विषय विवेचन

       __________________________________________________

भवदीय/भवदीया,

____________

नाम : ____________
पता : ____________
        ____________

ई-मेल आईडी : ____________


निम्नलिखित शब्दों के आधार पर एक कहानी लिखो: पानी, पुस्तक, बिल्ली, राखी।



।।श्रद्‌धा और विज्ञान, जीवन के दो पक्ष महान।।


मैंने समझा जीवन नहीं मरा करता है कविता से 


मैंने समझा बेटी युग कविता से 



।। बिन माँगे मोती मिले।।


प्लास्टिक, थर्माकोल आदि प्रदूषण बढ़ाने वाले घटकों का उपयोग हानिकारक है।


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


यदि साइकिल तुमसे बोलने लगी तो ......


पसंदीदा विषय पर विज्ञापन बनाकर उसको पढ़ो।


‘साक्षरता अभियान’ के बारे में जानकारी बताओ।


।। आराम हराम है ।।


।। स्वतंत्रता मेरा जन्म सिद्‌ध अधिकार है।।


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

आपकी दादी एक लम्बी बीमारी के बाद अभी-अभी स्वस्थ हुई थीं। आप उन्हें घुमाने के लिए किसी प्रसिद्ध स्थल पर ले गए। वहाँ अचानक एक ऐसी घटना घटी जिससे आप बुरी तरह से घबरा गए लेकिन आपकी दादी की हिम्मत और सूझ-बूझ के कारण आप उस मुसीबत से बाहर निकले और सकुशल घर वापस आ गए। विस्तारपुर्वक अपने अनुभव का वर्णन कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×