Advertisements
Advertisements
प्रश्न

Advertisements
उत्तर
गलती करना यह मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन उन गलतियों से सीख लेते हुए भविष्य में गलतियाँ न करने का प्रयास भी करना चाहिए। एक सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य का यह कर्तव्य है कि दूसरों के हित-अनहित को ध्यान में रखते हुए वह अपना कर्म करे। जहाँ तक संभव हो परोपकार की राह पर चलते हुए दूसरों की राहों में फूल बिछाए। जरूरतमंदों की हर संभव मदद करे। मनुष्य को फूल के जैसा जीवन जीना चाहिए जो दूसरों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देता है, न कि शूल के जैसा जो हमेशा दूसरों को कष्ट देता है।
संबंधित प्रश्न
मैंने समझा पूर्ण विश्राम पाठ से
‘नफरत से नफरत बढ़ती है और स्नेह से स्नेह बढ़ता है’, इस तथ्य से संबंधित अपने विचार लिखो।
अपने विद्यालय में आयोजित ‘स्वच्छता अभियान’ का वृत्तांत लिखो। वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख आवश्यक है।
गाँव संबंधी सरकारी योजनाओं की जानकारी पढ़ो और मुख्य बातें सुनाओ।
किसी महान विभूति का जीवनक्रम वर्षानुसार बनाकर लाओ और पढ़ो : जैसे- जन्म, शालेय शिक्षा आदि।
‘चतुराई’ संबंधी कोई सुनी हुई कहानी सुनाओ।
मैंने समझा दाे लघुकथाएँ पाठ से
मैंने समझा शब्द संपदा पाठ से
।। हम सब एक हैं ।।
चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:






ॠतुओं के नाम बताते हुए उनके परिवर्तन की जानकारी प्राप्त कराे और लिखो।
यदि साइकिल तुमसे बोलने लगी तो ......
संतुलित आहार पर पॉंच वाक्य बोलो।
देशभक्ति पर आधारित कविता सुनो और सुनाओ।
ऐतिहासिक वास्तुओं का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-
उच्च शिक्षा हेतु छात्रों का विदेशों को पलायन
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
समाज में बढती आर्थिक असमानताएँ
आपके विद्यालय की सैर का वर्णन करने वाला पत्र अपनी सहेली/अपने मित्र को लिखिए: (पत्र निम्न प्रारूप में हो।)

