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अपने परिवार के प्रिय व्यक्ति के लिए चार काव्य पंक्तियाँ लिखो।

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प्रश्न

अपने परिवार के प्रिय व्यक्ति के लिए चार काव्य पंक्तियाँ लिखो।

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उत्तर

माँ
भोली-सी, प्यारी-सी, मेरी माँ,
सबसे अनोखी, सबसे निराली मेरी माँ।
बरसाकर ममता की बारिश,
पूरी कर देती हमारी हर ख्वाहिश।
भोली-सी, प्यारी-सी मेरी माँ।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.1: सोई मेरी छौना रे ! - सोई मेरी छौना रे ! [पृष्ठ २४]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 6 Maharashtra State Board
अध्याय 1.1 सोई मेरी छौना रे !
सोई मेरी छौना रे ! | Q (४) | पृष्ठ २४

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अपने विद्‌यालय में आयोजित ‘स्‍वच्छता अभियान’ का वृत्‍तांत लिखो। वृत्‍तांत में स्‍थल, काल, घटना का उल्‍लेख आवश्यक है।


 



चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


यदि तुम्हें परी मिल जाए तो .....


हमें सदैव प्रसन्न रहना चाहिए।


।। सौर ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा ।।


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

खेतों में भुट्टे की फसल देख, हर कोई कहता- कितनी बढ़िया है। दो-चार दिन में कटाई की तैयारी थी लेकिन .......


निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:

“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

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