हिंदी

यदि खनिज तेल का खजाना समाप्त हो जाए तो... - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

यदि खनिज तेल का खजाना समाप्त हो जाए तो...

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

यदि खनिज तेल का खजाना समाप्त हो जाए, तो यातायात व्यवस्था ठप हो जाएगी। खनिज तेल से पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, कुकिंग गैस, वैसलीन आदि बनते हैं। खनिज तेल के समाप्त होने से सड़कों पर गािड़याँ नहीं दौड़ पाएँगी। हम यात्रा नहीं कर पाएँगे। रोज-रोज पैदल चलना कठिन काम होगा। ट्रक न चलने से घरों, दूकानों, बाजारों तक सामान नहीं पहुँच पाएगा। हम भूखे-प्यासे रह जाएँगे। एलपीजी गैस जिससे खाना बनाया जाता है, उसके बिना घरों में खाना नहीं बन पाएगा। खनिज तेल कई दवाइयों के निर्माण में काम आते हैं। इनके बिना दवाइयाँ भी नहीं बन पाएँगी। इस तरह खनिज तेल समाप्त हो जाने पर पूरी दुनिया का काम-काज रुक जाएगा।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.04: साेना और लोहा - साेना और लोहा [पृष्ठ ३९]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 6 Maharashtra State Board
अध्याय 2.04 साेना और लोहा
साेना और लोहा | Q (९) | पृष्ठ ३९

संबंधित प्रश्न

‘यातायात की समस्‍याएँ एवं उपाय’ विषय पर निबंध लिखो।



यदि तुम्हारा घर मंगल ग्रह पर होता तो .....


चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


अपने परिवार का वंश वृक्ष तैयार करो और रिश्ते-नातों के नाम लिखो।


घर में अतिथि के आगमन पर आपको कैसा लगता है, बताइए।


दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-

उच्च शिक्षा हेतु छात्रों का विदेशों को पलायन


निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:

“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए 'असंभव', 'गंदा' या 'नीचा' शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।'' ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।'' मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है ? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और 'निर्मल हृदय' जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो। 

पहले अपने गली-मोहल्ले की दुकानों से खरीदारी की जाती थी। पर अब 'ऑनलाइन' खरीदारी का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। इस परिवर्तन का समाज पर क्या प्रभाव पड़ रहा हैं? समझाकर लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×