हिंदी

।। आराम हराम है ।।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

।। आराम हराम है ।।

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

'आराम हराम है।' यह नारा देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने दिया था। नेहरू जी ने यह नारा उस समय दिया था, जब देश स्वतंत्र हुआ था। आलस करना या अत्यधिक आराम करना हमारे लिए नुकसानदेह हो सकता है। परीक्षा का समय हो, तो डटकर पढ़ाई करनी चाहिए। किसी प्रकार की प्रतियोगिता हो, तो उसकी तैयारी करनी चाहिए। सोचो यदि हम परीक्षा की तैयारी करने के बजाय आराम करते हैं, तो परीक्षा में असफल भी हो सकते हैं। हम छोटे से जीव चींटी से भी परिश्रम की सीख ले सकते हैं। वह दिन-रात मेहनत कर अपना भोजन इकट्ठा करती है और बरसात के वक्त आराम से अपनी मेहनत का लाभ उठाती है।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.04: साेना और लोहा - साेना और लोहा [पृष्ठ ३८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 6 Maharashtra State Board
अध्याय 2.04 साेना और लोहा
साेना और लोहा | Q (२) | पृष्ठ ३८

संबंधित प्रश्न

किसानों के सामने आने वाली समस्‍याओं की जानकारी प्राप्त करके उन समस्‍याओं को दूर करने हेतु चर्चा करो।


मैंने समझा स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है पाठ से 


अपने मनपसंद व्यक्ति का साक्षात्कार लेने हेतु कोई पॉंच प्रश्न बनाकर बताओ।


नीतिपरक दोहे सुनो और आनंदपूर्वक सुनाओ।


अक्षर समूह में से खिलाड़ियों के नाम बताओ और लिखो।

ना सा वा ने  
ध्या चं        
शा जा बा खा    
ल्खा सिं मि        
री काॅ मे        
नि मि सा र्जा या      
डु तें चि

नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


१ से १०० तक की संख्याओं का मुखर वाचन करो।


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

खेतों में भुट्टे की फसल देख, हर कोई कहता- कितनी बढ़िया है। दो-चार दिन में कटाई की तैयारी थी लेकिन .......


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×