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प्रश्न
।। आराम हराम है ।।
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उत्तर
'आराम हराम है।' यह नारा देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने दिया था। नेहरू जी ने यह नारा उस समय दिया था, जब देश स्वतंत्र हुआ था। आलस करना या अत्यधिक आराम करना हमारे लिए नुकसानदेह हो सकता है। परीक्षा का समय हो, तो डटकर पढ़ाई करनी चाहिए। किसी प्रकार की प्रतियोगिता हो, तो उसकी तैयारी करनी चाहिए। सोचो यदि हम परीक्षा की तैयारी करने के बजाय आराम करते हैं, तो परीक्षा में असफल भी हो सकते हैं। हम छोटे से जीव चींटी से भी परिश्रम की सीख ले सकते हैं। वह दिन-रात मेहनत कर अपना भोजन इकट्ठा करती है और बरसात के वक्त आराम से अपनी मेहनत का लाभ उठाती है।
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