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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

त्योहार मनाने के उद्देश्य की वैज्ञानिकता सुनो और सुनाओ।

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प्रश्न

त्योहार मनाने के उद्देश्य की वैज्ञानिकता सुनो और सुनाओ।

कृती
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उत्तर

भारतीय संस्कृति में प्रत्येक त्योहार धार्मिक होने के बावजूद अपने आप में वैज्ञानिक महत्त्व रखता है। वैज्ञानिकों ने भी सिद्ध किया है कि हमारे त्योहार केवल परंपरा या उल्लास का अवसर नहीं होते, बल्कि समाज की सामूहिक आवश्यकताओं और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक होते हैं। दरअसल, ये उत्सव लोगों की सामाजिक, शारीरिक और मानसिक आवश्यकताओं की पूर्ति का एक साधन रहे हैं। जीवन को आनंदमय बनाने, पुण्य कर्म की ओर अग्रसर होने और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए ही त्योहारों का उद्भव और विकास हुआ है।

त्योहारों के वैज्ञानिक उद्देश्य को समझाने के लिए होली का उदाहरण उपयुक्त है:

  • होलिकादहन की अग्नि की दिशा: राजस्थान के किसान अग्नि की लपट की दिशा देखकर वर्षा की संभावनाओं का अनुमान लगाते हैं। यह स्थानीय जलवायु संकेतों का उपयोग है, जिसका वैज्ञानिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण आधार है।
  • भस्म का उपयोग: होलिका दहन की भस्म को अनाज में डालने से कीटों से सुरक्षा होती है। भस्म में रोगाणुरोधक गुण होते हैं जो अनाज को सुरक्षित रखते हैं।
  • प्राकृतिक रंगों का प्रयोग: परंपरागत रूप से होली के रंग (जैसे गोबर, मिट्टी का घोल) त्वचा के रोगों को दूर रखने में सहायक होते थे। गर्मी में होने वाले चर्म रोगों और पित्तजन्य बीमारियों से सुरक्षा मिलती थी।
  • सफाई और स्वच्छता: त्योहारों के दौरान घर-आंगन की साफ-सफाई का विशेष महत्व होता है। यह स्वच्छता वातावरण को स्वस्थ बनाती है और संक्रमण से बचाव में मददगार होती है।

इन तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि त्योहार केवल धार्मिक या सांस्कृतिक नहीं, बल्कि समाज और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी आवश्यक हैं। इनका वैज्ञानिक आधार हमारी परंपरा की गहराई को दर्शाता है और “सुनो और सुनाओ” का संदेश भी देता है—जब हम इन्हें खुद समझते हैं और दूसरों को भी बताते हैं।

इस प्रकार, हमारे त्योहारों में छिपा वैज्ञानिक ज्ञान हमें प्रकृति और समाज के साथ तालमेल बिठाने की प्रेरणा देता है।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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पाठ 2.02: बेटी युग - सुनो तो जरा [पृष्ठ २९]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 2.02 बेटी युग
सुनो तो जरा | Q (१) | पृष्ठ २९
बालभारती Hindi Sulabhbharati Ekatmik Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 10 बेटी युग
पाठ्य प्रश्न | Q १. | पृष्ठ ५८

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