Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मैंने समझा वारिस कौन? पाठ से
Advertisements
उत्तर
हमारे बड़ों द्वारा दिए गए कार्य के पीछे जरूर कोई मकसद होता है, इसलिए हमें अपनी बुद्धि का प्रयोग कर उस कार्य में श्रेष्ठ फल पाने के लिए प्रयास करना चाहिए। अपने प्रयासों से ही हम जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘सादा जीवन, उच्च विचार’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
मैंने समझा गाँव-शहर कविता से
मैंने समझा दो लघुकथाएँ पाठ से

किसी महान विभूति का जीवनक्रम वर्षानुसार बनाकर लाओ और पढ़ो : जैसे- जन्म, शालेय शिक्षा आदि।
दिए गए मुद्दों के आधार पर कहानी लिखो :
| गॉंव में मेला देखने वालों की भीड़ | → | सड़क पर प्रवेश द्वार के बीचोंबीच बड़ा-सा पत्थर | → | पत्थर से टकराकर छोटे-बड़ों का गिरना-पड़ना। | → | बहुत देर से लड़के का देखना |
| लड़के द्वारा पत्थर हटाना, उसके नीचे चिट्ठी पाना | → | चिट्ठी में लिखा था ........? | → | पुरस्कार पाना। | → | सीख और शीर्षक |
शब्दों की अंत्याक्षरी खेलोः
जैसे - श्रृंखला ..... लालित्य ..... यकृत ..... तरुवर ..... रम्य .....।
‘चतुराई’ संबंधी कोई सुनी हुई कहानी सुनाओ।
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
अपने मनपसंद व्यक्ति का साक्षात्कार लेने हेतु कोई पॉंच प्रश्न बनाकर बताओ।
अपने परिवार के प्रिय व्यक्ति के लिए चार काव्य पंक्तियाँ लिखो।
।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।
एक से सौ तक की उलटी गिनती पढ़ो और काॅपी में लिखो :

सद्गुणों को आत्मसात करने के लिए क्या करोगे, इसपर आपस में चर्चा करो।
पढ़ाई का नियोजन करते हुए अपनी दिनचर्या लिखो।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

अपना परिचय देते हुए परिवार के बारे में दस वाक्य लिखो।
अपनी कक्षा द्वारा की गई किसी क्षेत्रभेंट का वर्णन लिखिए।
'भक्तिन' एक कर्मठ नारी के संघर्षमय जीवन की कहानी है। इस कथन को भक्तिन के जीवन के चार अध्यायों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
