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वाणी कैसी होनी चाहिए, बताओ। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

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उत्तर

वाणी शुद्ध, सरल, मधुर, उचित, प्रभावी होनी चाहिए। 

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 2.04: शब्द संपदा - स्वयं अध्ययन [पृष्ठ ३५]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 7 Maharashtra State Board
अध्याय 2.04 शब्द संपदा
स्वयं अध्ययन | Q (१) | पृष्ठ ३५
बालभारती Hindi Sulabhbharati Ekatmik Standard 7 Maharashtra State Board
अध्याय 12 शब्द संपदा
अंतःपाठ प्रश्न | Q १. | पृष्ठ ६४

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ना सा वा ने  
ध्या चं        
शा जा बा खा    
ल्खा सिं मि        
री काॅ मे        
नि मि सा र्जा या      
डु तें चि

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विलुप्त होते हुए प्राणियों तथा पक्षियों की जानकारी प्राप्त करके सूची बनाओ।


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“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए 'असंभव', 'गंदा' या 'नीचा' शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।'' ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।'' मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है ? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और 'निर्मल हृदय' जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

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