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अपने घर की छत से पूर्णिमा की रात देखिए तथा उसके सौंदर्य को अपनी कलम से शब्दबद्ध कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

अपने घर की छत से पूर्णिमा की रात देखिए तथा उसके सौंदर्य को अपनी कलम से शब्दबद्ध कीजिए।

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उत्तर

पूर्णिमा की रात का सौन्दर्य अत्यन्त मनमोहक होता है, परन्तु घर की छत से इस मनोहारी दृष्य की सुन्दरता स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है। उज्जवल चाँदनी की सफे़द किरणों से केवल आकाश ही नहीं बल्कि धरती भी जगमगा उठती है। इस दिन चाँद पूर्ण रूप से गोलाकार होता है। चंद्रमा के प्रकाश से रात में भी सारी चीज़ें स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं तथा इस रौशनी से धरती पर शीतलता की अनुभूति होती है।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 3: देव - सवैया और कवित्त - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ २३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
अध्याय 3 देव - सवैया और कवित्त
प्रश्न-अभ्यास | Q 10 | पृष्ठ २३

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