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मैंने समझा सौहार्द कविता से

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प्रश्न

मैंने समझा सौहार्द कविता से 

लघु उत्तरीय
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उत्तर

भारत में धर्म, जाति, संस्कृति आदि की विविधता पाई जाती है। इसके बावजूद भी सभी भारतीयों में एकता की भावना अधिक बलवती है। विविधता में एकता यह हमारी पहचान है। हमें अपनी इस पहचान को बनाए रखते हुए प्रेम, सहयोग व सद्भावना से आपस में मिलजुलकर रहना चाहिए।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 2.4: सौहार्द -सौमनस्‍य - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ३५]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 2.4 सौहार्द -सौमनस्‍य
उपयोजित लेखन | Q 2 | पृष्ठ ३५

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पत्र का प्रारूप
(औपचारिक पत्र)

दिनांक :
प्रति,

______
______

विषय : ______
संदर्भ : ______
महोदय,
विषय विवेचन

       __________________________________________________

भवदीय/भवदीया,

____________

नाम : ____________
पता : ____________
        ____________

ई-मेल आईडी : ____________


‘आगे कुआँ पीछे खाई’ कहावत का अर्थ लिखकर उससे संबंधित कोई प्रसंग लिखो।


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