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प्रश्न
।। हे विश्वचि माझे घर ।।
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उत्तर
मराठी में लिखी इस उक्ति के लिए संस्कृत में एक उक्ति है– 'वसुधैव कुटुंबकम्' अर्थात संपूर्ण विश्व ही मेरा घर है। बोली-भाषा, जाति-धर्म, रंग, संस्कृति, सरहद आदि के आधार पर हम भले ही अलग-अलग हों, पर सबसे पहले हम इंसान हैं। विश्व के प्रत्येक व्यक्ति को एक-दूसरे की आवश्यकता है। ऐसे में भेदभाव की दीवार को तोड़कर हम सभी को एक होना चाहिए।
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