Advertisements
Advertisements
प्रश्न
।। हे विश्वचि माझे घर ।।
Advertisements
उत्तर
मराठी में लिखी इस उक्ति के लिए संस्कृत में एक उक्ति है– 'वसुधैव कुटुंबकम्' अर्थात संपूर्ण विश्व ही मेरा घर है। बोली-भाषा, जाति-धर्म, रंग, संस्कृति, सरहद आदि के आधार पर हम भले ही अलग-अलग हों, पर सबसे पहले हम इंसान हैं। विश्व के प्रत्येक व्यक्ति को एक-दूसरे की आवश्यकता है। ऐसे में भेदभाव की दीवार को तोड़कर हम सभी को एक होना चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘सादा जीवन, उच्च विचार’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
किसी ग्रामीण और शहरी व्यक्ति की दिनचर्या की तुलनात्मक जानकारी प्राप्त करके आपस में चर्चा करो।
।। हम विज्ञान लोक के वासी ।।
गृह उद्याेगों की जानकारी प्राप्त करो और इसपर चर्चा करो।
हमें सदैव प्रसन्न रहना चाहिए।
अपने परिवार के प्रिय व्यक्ति के लिए चार काव्य पंक्तियाँ लिखो।
प्राणियों का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।
अपने परिवेश में शांति किस प्रकार स्थापित की जा सकती है।
क्रमानुसार भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम लिखो।
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
परीक्षा के दिन
