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।। हे विश्वचि माझे घर ।।

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प्रश्न

।। हे विश्वचि माझे घर ।।

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उत्तर

मराठी में लिखी इस उक्ति के लिए संस्कृत में एक उक्ति है– 'वसुधैव कुटुंबकम्' अर्थात संपूर्ण विश्व ही मेरा घर है। बोली-भाषा, जाति-धर्म, रंग, संस्कृति, सरहद आदि के आधार पर हम भले ही अलग-अलग हों, पर सबसे पहले हम इंसान हैं। विश्व के प्रत्येक व्यक्ति को एक-दूसरे की आवश्यकता है। ऐसे में भेदभाव की दीवार को तोड़कर हम सभी को एक होना चाहिए।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 1.07: मेरा अहोभाग्य - मेरा अहोभाग्य [पृष्ठ १७]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 6 Maharashtra State Board
अध्याय 1.07 मेरा अहोभाग्य
मेरा अहोभाग्य | Q (११) | पृष्ठ १७

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